आवारा पशुओं के उचित व्यवस्थापन के लिए झांसी प्रशासन ने दिए कड़े निर्देश, गौवंश के कारण हो रही दुर्घटनाओं से मिलेगी निजात

Edited By Mamta Yadav, Updated: 26 Mar, 2022 09:11 PM

jhansi administration has given strict instructions fort of stray animals

उत्तर प्रदेश के झांसी प्रशासन ने छुट्टा गौवंश के कारण जनपद के विभिन्न रास्तों पर होने वाली दुर्घटनाओं के कारण यातायात प्रभावित होने और आमजन के हताहत होने की आशंका के बीच उनके उचित और प्रभावी व्यवस्थापन के लिए शुक्रवार को कड़े दिशा निर्देश दिये।

झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी प्रशासन ने छुट्टा गौवंश के कारण जनपद के विभिन्न रास्तों पर होने वाली दुर्घटनाओं के कारण यातायात प्रभावित होने और आमजन के हताहत होने की आशंका के बीच उनके उचित और प्रभावी व्यवस्थापन के लिए शुक्रवार को कड़े दिशा निर्देश दिये।       

जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने विकास भवन सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय अनुश्रवण , मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक में कहा कि गौवंश के संरक्षण का दायित्व हम सभी का है, यह योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सर्वोच्च प्राथामिकताओं में है। अतएव गौशालाओं में जो कमियां है उन्हें एक सप्ताह के अन्दर दूर कर उन्हें सही तरीके से संचालित कराया जाये और उनमें गौवंश संरक्षित किये जायें। गौशालाओं की गहन निगरानी रखी जाये ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो सके। छुट्टा गौवंश को पकड़ आश्रय स्थलों में पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाये जाएं। अभियान में राजस्व विभाग, ग्राम विकास, नगर विकास विभाग, पशुपालन के अधिकारी व कर्मचारी टीम बनाकर रोस्टर के अनुसार विशेष अभियान चलाकर मार्गों पर विचरण कर रहे छुट्टा गोवंश को नजदीकी गो-आश्रय स्थल में संरक्षित कराया जाना सुनिश्चित करें।       

सभी विकासखंड में ग्राम सभा की भूमि चिन्हित की जाए, जहां वहृद गौ संरक्षण केंद्र खोलते हुए वहां नेपियर घास का उत्पादन किया जा सके। इस कार्य में एसडीएम और बीडीओ स्वयं व्यक्तिगत रूचि ले और ग्राम सभा की भूमि चिन्हित करने के साथ ही उपलब्ध भूमि में गोवंश के चारे के लिए गिनी घास, हावर घास, अन्यन घास, फाडर शुगर केन, नेपियर घास आदि का उत्पादन कराया जाना सुनिश्चित करें। ऐसी गौशाला जहां पर शेड ठीक नहीं है उनकी तत्काल मनरेगा के माध्यम से मरम्मत करा लें, इसके साथ ही प्लानिंग करते हुए भूसा खरीदने तथा भूसा बैंक की स्थापना तत्काल की जाए।       

जनपद की समस्त गौशालाओं में पानी, साफ-सफाई की व्यवस्था किये जाने, गौशालाओं पर समस्त प्रारूप सहित पंजिका बनाकर रखे जाने, गौशालाओं का साप्ताहिक निरीक्षण कर आख्या उपलब्ध कराये जानेे के निर्देश दिए। मांग के अनुसार समस्त गौशालाओं में 05 अप्रैल तक धनराशि खाते में जमा करा दी जाए, जो धनराशि व्यय की गई उसका प्रॉपर डॉक्यूमेंटेशन सुनिश्चित करा दिया जाए। जहां लेखा जोखा सही नहीं है संबंधित खंड विकास अधिकारी तत्काल समस्त लेखा-जोखा तैयार करा लें ताकि सत्यापन कराया जा सके। गौशालाओं का समय-समय निरीक्षण करने के निर्देश दिए और कहा कि किसी गौशाला में कोई कमी पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाए, यदि कोई समस्या है और स्थानीय स्तर पर समस्या का निराकरण न हो सके तो संबंधित उप जिलाधिकारी/ खण्ड विकास अधिकारी के संज्ञान में अवश्य लाएं ।       

कुमार ने मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जनपद में निर्धारित लक्ष्य 4715 के सापेक्ष 2920 लोगों को सहभागिता योजना अंतर्गत गोवंश सुपुर्द किए गए हैं उन्होंने कहा कि बचे लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए ग्राम प्रधान/सचिव रुचि लेते हुए गोवंश सुपुर्द कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अति कुपोषित बच्चों के परिवारों को दूध देने वाले गोवंश देना सुनिश्चित किया जाए। लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रति ब्लॉक, प्रति गौशाला निर्धारित करते हुए सहभागिता योजना का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया जाए।       

जिलाधिकारी ने समस्त एसडीएम व खण्ड विकास अधिकारियों निर्देश दिए कि राजस्व कर्मी, प्रधान सहित अन्य विभाग के लोगों के साथ बैठक करते हुए गोवंश को संरक्षित करना सुनिश्चित करें।

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