श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट से हिंदुओं को झटका, मुस्लिमों को दी खुशखबरी, शाही ईदगाह मस्जिद को विवादित ढांचा नहीं माना

Edited By Purnima Singh,Updated: 04 Jul, 2025 03:50 PM

allahabad high court s big decision on shahi idgah

मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामल में हिंदू पक्ष को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शाही ईदगाह पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष की अर्ज़ी को खारिज कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने से इंकार कर दिया है......

प्रयागराज: मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामल में हिंदू पक्ष को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शाही ईदगाह पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष की अर्ज़ी को खारिज कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने से इंकार कर दिया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मथुरा में “शाही ईदगाह” की जगह “विवादित ढांचा” शब्द के इस्तेमाल के लिए निर्देश जारी करने की मांग वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। मूल वाद के साथ अन्य संबंधित मामलों में आगे की सुनवाई के दौरान “शाही ईदगाह” की जगह “विवादित ढांचा” शब्द के इस्तेमाल के लिए संबंधित स्टेनोग्राफर को निर्देश जारी करने का अनुरोध करते हुए एक आवेदन ए-44 दाखिल किया गया था। 

हिंदू पक्ष ने दाखिल किए हैं 18 मुकदमे 
इस आवेदन के पक्ष में अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा हलफनामा दाखिल किया गया था। वहीं दूसरी ओर, प्रतिवादियों की तरफ से लिखित आपत्ति दाखिल की गई थी। न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा ने शुक्रवार को मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़े मूल मुकदमों की सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। उल्लेखनीय है कि हिंदू पक्ष ने शाही ईदगाह ढांचा हटाने के बाद जमीन का कब्जा लेने और वहां मंदिर बहाल करने के लिए 18 मुकदमे दाखिल किए हैं। 

कोर्ट ने 2024 में खारिज की थी मुस्लिम पक्ष की याचिका 
इससे पूर्व, एक अगस्त, 2024 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हिंदू पक्षों द्वारा दायर इन मुकदमों की पोषणीयता (सुनवाई योग्य) को चुनौती देने वाली मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि ये मुकदमे समय सीमा, वक्फ अधिनियम और पूजा स्थल अधिनियम, 1991 से बाधित नहीं हैं। 

औरंगजेब के समय की शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़ा है विवाद 
पूजा स्थल अधिनियम 15 अगस्त, 1947 को मौजूद किसी भी धार्मिक ढांचे की स्थिति को परिवर्तित करने से रोकता है। अदालत ने 23 अक्टूबर, 2024 को श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले में 11 जनवरी, 2024 के आदेश को वापस लेने की मुस्लिम पक्ष की अर्जी खारिज कर दी थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 11 जनवरी, 2024 के अपने निर्णय में हिंदू पक्षों की ओर से दायर सभी मुकदमों को समेकित कर दिया था। यह विवाद मथुरा में मुगल सम्राट औरंगजेब के समय की शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़ा है जिसे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म स्थान पर एक मंदिर को कथित तौर पर ध्वस्त करने के बाद बनाया गया है।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!