समिति सदस्यों पर FIR… अयोध्या में अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे BJP विधायक और पदाधिकारी, निष्पक्ष जांच की मांग

Edited By Mamta Yadav,Updated: 15 Oct, 2025 10:58 PM

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वीरांगना झलकारी बाई समिति के सदस्यों पर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए कथित फर्जी चोरी के मामले को लेकर अयोध्या में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का विरोध तेज हो गया है। भाजपा विधायक रामचंद्र यादव, भाजपा जिला महामंत्री राधेश्याम त्यागी और अनुसूचित मोर्चा के...

Ayodhya News: वीरांगना झलकारी बाई समिति के सदस्यों पर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए कथित फर्जी चोरी के मामले को लेकर अयोध्या में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का विरोध तेज हो गया है। भाजपा विधायक रामचंद्र यादव, भाजपा जिला महामंत्री राधेश्याम त्यागी और अनुसूचित मोर्चा के पदाधिकारी बुधवार को मां कामाख्या धाम परिसर में धरने पर बैठ गए। उनके साथ चौधरी समाज के सैकड़ों लोग भी जुटे।
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22 नवंबर को होने वाला है वीरांगना झलकारी बाई जयंती कार्यक्रम
मामला 22 नवंबर को प्रस्तावित वीरांगना झलकारी बाई जयंती समारोह से जुड़ा है। बताया गया कि समिति के सदस्य कार्यक्रम स्थल की सफाई कर रहे थे, उसी दौरान नगर पंचायत प्रशासन ने उन पर चोरी का मामला दर्ज करा दिया। समिति का दावा है कि कार्यक्रम की तैयारी के दौरान उनके खिलाफ एसडीएम के दबाव में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी ने झूठी एफआईआर दर्ज करवाई। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है।
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धरने से उठी निष्पक्ष जांच की मांग
धरने को संबोधित करते हुए भाजपा के जिला महामंत्री राधेश्याम त्यागी ने कहा, “यह हमारे समाज के स्वाभिमान और सम्मान का मामला है। समिति के लोगों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” त्यागी ने कहा कि वे इस मामले को बड़े स्तर पर भाजपा नेतृत्व के समक्ष उठाएंगे और निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। उन्होंने समिति के कार्यक्रम को पूर्ण समर्थन और मूर्ति स्थापना में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

पूर्व में मुख्यमंत्री से हुई थी शिकायत
भाजपा विधायक रामचंद्र यादव और अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि इस विषय पर पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन फिर भी एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि यह प्रशासन का तरफा रवैया है, जिससे कोरी समाज में भारी आक्रोश है।

समाज की एकजुटता, प्रशासन पर सवाल
बैठक में मौजूद सभी समुदाय के लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे असंवेदनशील और पक्षपातपूर्ण करार दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच और एफआईआर निरस्त नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

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