Edited By Moulshree Tripathi,Updated: 28 Dec, 2020 05:24 PM

देश में जहां कृषि कानून बिल को लेकर लगातार धरना प्रदर्शन दिल्ली से सटे सभी बॉर्डर पर किसान डेरा जमाए हुए धरना दे रहे हैं। वहीं सभी राजनीतिक पार्टियां अलग-अलग संगठन...
गाजियाबाद: देश में जहां कृषि कानून बिल को लेकर लगातार धरना प्रदर्शन दिल्ली से सटे सभी बॉर्डर पर किसान डेरा जमाए हुए धरना दे रहे हैं। वहीं सभी राजनीतिक पार्टियां अलग-अलग संगठन कृषि कानून बिल के विरोध में लगातार किसानों के समर्थन में मैदान में उतरी हुई हैं। इसी बीच में आजाद समाज पार्टी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 2013 में कृषि कानून बिल को संशोधन करके ठंडे बस्ते में किसानों द्वारा आंदोलन करके डाला गया था।
पार्टी ने कहा कि जब से केंद्र में बीजेपी की सरकार आई है तब से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार इस बिल को लागू करने में लगे हुए हैं और यह कृषि कानून बिल ना होकर अडानी अंबानी बिल है। आजाद पार्टी ने इस तरह के गंभीर आरोप लगाए। आजाद समाज पार्टी के प्रवक्ता सतपाल चौधरी ने बताया कि यह आंदोलन अब देश का आंदोलन है और किसानों के लिए पार्टी सभी बॉर्डर पर डेरा जमाए हुए हैं वह किसानों के साथ हर संभव मदद के लिए तैयार है। अगर यह कृषि कानून बिल वापस नहीं लिया जाता तो आंदोलन जारी रहेगा। इस कृषि कानून बिल को खत्म कर ही हम मानेंगे।