एंबुलेंस पंजीकरण मामला: मुख्तार अंसारी समेत 13 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर कानून के तहत मामला दर्ज

Edited By Mamta Yadav,Updated: 28 Mar, 2022 01:13 PM

case registered against 13 people including mukhtar ansari under gangster act

पुलिस ने बाराबंकी जिले में एंबुलेंस पंजीकरण मामले में आरोपी बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी समेत 13 आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर कानून (गिरोहबंद अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया है। नगर कोतवाली में मुख्तार के खिलाफ एंबुलेंस मामले में दूसरी बार प्राथमिकी...

बाराबंकी: पुलिस ने बाराबंकी जिले में एंबुलेंस पंजीकरण मामले में आरोपी बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी समेत 13 आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर कानून (गिरोहबंद अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया है। नगर कोतवाली में मुख्तार के खिलाफ एंबुलेंस मामले में दूसरी बार प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इस मामले में अंसारी के अलावा मऊ, गाजीपुर, लखनऊ एवं प्रयागराज के 12 अन्य लोग भी नामजद किए गये हैं। ये आरोपी एंबुलेंस प्रकरण में पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस कोतवाली प्रभारी सुरेश पांडेय ने सोमवार को बताया कि ‘‘गिरोह के मुखिया, गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद में यूसुफपुर के मूल निवासी एवं मऊ से पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी और उनके गिरोह के 12 अन्य सदस्यों'' के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

उन्होंने बताया कि अंसारी के अलावा जिनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें मऊ जिले के श्याम संजीवनी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर की संचालिका डॉ. अलका राय, डॉ. शेषनाथ राय, थाना सराय लखंसी में अहिरौली के राजनाथ यादव, सरवां ग्राम के आनंद यादव, गाजीपुर जिले में मोहम्मदाबाद के सुरेंद्र शर्मा, सैदपुर बाजार मोहल्ला रौजा के मोहम्मद शाहिद, फिरोज कुरैशी, अफरोज उर्फ चुन्नू, जफर उर्फ चंदा, सलीम, प्रयागराज में थाना करेली के वसिहाबाद सदियापुर के मोहम्मद सुहैब मुजाहिद और लखनऊ के वजीरगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मद जाफरी उर्फ शाहिद शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि मामले के अनुसार, पंजाब प्रांत की एक जेल में बंद होने के दौरान मुख्तार अंसारी अदालत जाने के लिए निजी एंबुलेंस का इस्तेमाल करते थे, जो बाराबंकी में 21 मार्च, 2013 को पंजीकृत कराई गई थी। यह मामला 31 मार्च, 2021 को चर्चा में आया था। इसके दो दिन बाद कोतवाली नगर पुलिस ने मऊ के श्याम संजीवनी अस्पताल की संचालिका डॉ. अलका राय के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स ने बताया कि एंबुलेंस मामले में पुलिस ने दो अप्रैल, 2021 को जालसाजी का पहला मामला दर्ज किया था और करीब तीन माह बाद सभी आरोपितों के खिलाफ चार जुलाई, 2021 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिए गए।

पुलिस की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने 24 मार्च, 2022 को गैंगचार्ट पर अनुमोदन दे दिया, जिसके बाद पुलिस ने गैंगस्टर कानून का मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज करने के बाद पुलिस अब संपत्ति कुर्क करने की जल्द कार्रवाई करेगी।

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