Edited By Purnima Singh,Updated: 20 Jul, 2026 03:46 PM

लखनऊ स्थित के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम में खो-खो स्पोर्ट्स प्रमोशन वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश का चुनाव संपन्न हुआ। इस अवसर पर निर्वाचन अधिकारी एवं पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवराज सिंह, सह-निर्वाचन अधिकारी नीतू भारद्वाज एवं अनिल मिश्रा...
Lucknow News : लखनऊ स्थित के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम में खो-खो स्पोर्ट्स प्रमोशन वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश का चुनाव संपन्न हुआ। इस अवसर पर निर्वाचन अधिकारी एवं पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवराज सिंह, सह-निर्वाचन अधिकारी नीतू भारद्वाज एवं अनिल मिश्रा (अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, लखनऊ), भारतीय खो-खो महासंघ के निर्वाचन पर्यवेक्षक एस. मलिक तथा उत्तर प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के निर्वाचन पर्यवेक्षक सैयद रफद रिजवी की गरिमामयी उपस्थिति में निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हुई। निर्वाचन उपरांत अभिषेक सिंह को सर्वसम्मति से उत्तर प्रदेश खो-खो एसोसिएशन का अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया। साथ ही भूपेंद्र सिंह को सचिव, शिवानंद नायक को कोषाध्यक्ष, ललित कुमार जायसवाल को चेयरमैन तथा रविकांत मिश्रा को
CEO के रूप में दायित्व प्राप्त हुए।
खो-खो स्पोर्ट्स प्रमोशन वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पद का दायित्व ग्रहण करने के उपरांत आयोजित समारोह में नवनिर्वाचित अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने कहा कि यह दायित्व उनके लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हजारों खिलाड़ियों के सपनों को नई दिशा देने का पवित्र संकल्प है। उन्होंने सर्वप्रथम खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया के माननीय चेयरमैन सुधांशु मित्तल के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विश्वास, मार्गदर्शन और आत्मीय सहयोग ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने का अवसर प्रदान किया है।
अपने संबोधन में अभिषेक सिंह ने कहा कि खो-खो केवल एक खेल नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, गति, फुर्ती, बुद्धिमत्ता और टीम भावना का जीवंत प्रतीक है। यह ऐसा भारतीय खेल है जिसने गांव-गांव के प्रतिभाशाली युवाओं को बिना किसी महंगे संसाधन के अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया है। अब समय आ गया है कि इस पारंपरिक खेल को विश्व पटल पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि आज खो-खो तेजी से वैश्विक पहचान बना रहा है। 'अल्टीमेट खो-खो' जैसी पेशेवर लीग तथा एशियाई चैम्पियनशिप एवं विश्व कप जैसे आयोजनों ने इस खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। वर्तमान में 40 से अधिक देशों में खो-खो खेला जा रहा है, जो भारतीय खेलों के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रतिभाओं की भूमि है और यहां के गांव, कस्बों तथा शहरों में असंख्य खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्हें केवल उचित प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर की आवश्यकता है। अभिषेक सिंह ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने कहा कि जो युवा मैदान में पसीना बहाता है, वह जीवन के संघर्षों से कभी नहीं घबराता और जो राष्ट्र अपने खिलाड़ियों का सम्मान करता है, वही विश्व में सम्मान प्राप्त करता है।
उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खेलो इंडिया अभियान के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को नई गति प्रदान की है, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश खेल अवसंरचना एवं खेल प्रतिभाओं के विकास के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश खेल नीति-2023 तथा एक मंडल–एक स्पोर्ट्स कॉलेज जैसी पहलों को खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया। अपने संबोधन के अंत में अभिषेक सिंह ने सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का पुनः आभार व्यक्त करते हुए सभी से एकजुट होकर खो-खो को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से उत्तर प्रदेश को देश का सबसे मजबूत खो-खो राज्य बनाया जाएगा। कार्यक्रम का समापन भारत माता की जय एवं वंदे मातरम् के उद्घोष के साथ हुआ।