Edited By Anil Kapoor,Updated: 02 Aug, 2026 11:50 AM

उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने बीते शनिवार को रिश्वतखोरी के एक मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के अवर अभियंता, पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) और एक अन्य व्यक्ति को 7.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह...
Lucknow News: उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने बीते शनिवार को रिश्वतखोरी के एक मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के अवर अभियंता, पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) और एक अन्य व्यक्ति को 7.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, शिकायत की पुष्टि होने पर आज शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते समय तीनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की पहचान लखनऊ विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता (जेई) दिनेश कुमार वर्मा (34), पर्यवेक्षक चंद्र प्रकाश (59) और एक अन्य श्रवण कुमार (32) के रूप में हुई। टीम ने मौके से 7 लाख 50 हजार रुपए भी बरामद किए हैं।
बयान में कहा गया है कि सतर्कता अधिष्ठान के पुलिस अधीक्षक को शिकायतकर्ता ने बताया कि एलडीए में तैनात अवर अभियंता दिनेश कुमार वर्मा उसके निर्माणाधीन स्थल पर पहुंचे और काम बंद करने को कहा। कर्मचारी के जरिए दिनेश कुमार ने कहा कि आपके निर्माण के खिलाफ श्रवण कुमार ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की है, इसलिए आप श्रवण कुमार से मिलकर निपटारा कर लो।
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शिकायत के अनुसार, श्रवण कुमार ने शिकायतकर्ता को राम मनोहर लोहिया अस्पताल के प्रवेश द्वार पर बुलाया और कहा कि अवर अभियंता से बात हो गई है, 15 लाख रुपये देने पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। एलडीए कार्यालय में पहुंचने पर अवर अभियंता दिनेश कुमार वर्मा और चंद्र प्रकाश मिले। अवर अभियंता ने 15 लाख रुपए की मांग की और आगे की बात सुपरवाइजर से करने को कहा। सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश ने 15 लाख रुपए देने का दबाव बनाया। शिकायतकर्ता ने कहा कि उसके पास इतने रुपए नहीं हैं। उसने 7.5-7.5 लाख रुपए की 2 किस्तों में रिश्वत देने की बात कही। अधिकारियों ने बताया कि चूंकि शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था और आरोपियों को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था, इसलिए उसने शिकायत की।
सतर्कता अधिष्ठान ने शिकायत की गोपनीय जांच की तो पाया कि अवर अभियंता, सुपरवाइजर और एक निजी व्यक्ति ने मिलीभगत कर आईआरजीएस पोर्टल का दुरुपयोग करते हुए रिश्वत की मांग की है। इसके बाद साक्ष्य जुटाए गए और शनिवार को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। सतर्कता अधिष्ठान ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। यदि कोई लोकसेवक सरकारी कार्य के बदले रिश्वत मांग रहा हो तो उसकी सूचना सतर्कता अधिष्ठान को दी जाए।