Edited By Anil Kapoor,Updated: 02 Aug, 2026 05:02 PM

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा का 4 दिवसीय मानसून सत्र सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के 'चार दिन बचे...
Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा का 4 दिवसीय मानसून सत्र सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के 'चार दिन बचे हैं', इसलिए विधानसभा सत्र भी केवल 4 दिन का रखा गया है।
अखिलेश यादव ने रविवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बातें कहीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सत्र का पहला दिन दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने में बीतेगा। दूसरे दिन सरकार अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले की जिम्मेदारी स्वयं से हटाकर केंद्र सरकार पर डालने का प्रयास करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि तीसरे दिन सरकार प्रयागराज सहित प्रदेश में हुए छात्र आंदोलनों से जुड़े सवालों से बचने की कोशिश करेगी, जबकि चौथे दिन एक दुखी मां के सार्वजनिक अपमान के मुद्दे पर जवाब देने से बचते हुए सत्र समाप्त करने की घोषणा कर देगी।
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सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा को स्वयं भी यह आभास हो गया है कि वह दोबारा सत्ता में नहीं लौटेगी, इसलिए विधानसभा की कार्यवाही को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा और केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के चला-चली की बेला में आयोजित यह मानसून सत्र भी चला-चली जैसा ही साबित होगा। साथ ही दावा किया कि प्रदेश की जनता आगामी चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगी। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होकर 6 अगस्त तक प्रस्तावित है। सत्र के दौरान अनुपूरक बजट, विधायी कार्यों और विभिन्न जनहित के मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।