लखनऊ के गुरुकुल में मासूम छात्र की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या, शरीर पर 40 घाव, कार में लादकर घर के बाहर फेंका शव

Edited By Purnima Singh,Updated: 25 Apr, 2026 12:41 PM

innocent student brutally beaten to death at lucknow gurukul

यूपी की राजधानी लखनऊ के एक आवासीय गुरुकुल में 11 वर्षीय बालक संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया। उसके शरीर पर चोटों के कई निशान मिले हैं, जिसके बाद उसे यातना दिए जाने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी ...

लखनऊ/कानपुर: यूपी की राजधानी लखनऊ के एक आवासीय गुरुकुल में 11 वर्षीय बालक संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया। उसके शरीर पर चोटों के कई निशान मिले हैं, जिसके बाद उसे यातना दिए जाने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुरुकुल संचालक सौरभ मिश्रा (27) और उसकी सहयोगी हर्षिता सोनी (23) को हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया। 

शव लादकर घर फेंक गए 
दिव्यांश द्विवेदी उर्फ दीपू (11) को 15 अप्रैल को लखनऊ के आलमनगर स्थित 'रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल' में मुफ्त वैदिक शिक्षा के लिए भर्ती कराया गया था और बुधवार को परिवार को सूचना दी गई कि बच्चा कथित तौर पर सीढ़ियों से गिर गया है। पुलिस के मुताबिक, परिवार के लखनऊ पहुंचने से पहले ही गुरुकुल से जुड़ा एक व्यक्ति शव को कानपुर के महाराजपुर स्थित उसके गांव ले आया और घर के पास छोड़कर फरार हो गया। 

तीन मंजिला मकान से संचालित हो रहा था गुरुकुल  
परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि बच्चे के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी। एक रिश्तेदार ने कहा कि उसके शरीर पर चोट के कई निशान थे, जिनमें कुछ जलने जैसे लग रहे थे, जिससे यातना दिए जाने की आशंका है। कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि महाराजपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गुरुकुल लखनऊ में एक तीन मंजिला मकान से संचालित हो रहा था, जहां बालक करीब एक सप्ताह से रह रहा था। 

बच्चे को कम हवादार, बिना पंखे वाले कमरे में रखा गया 
उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि उसने पिछले कुछ दिन में बालक की पिटाई की और उसे कम हवादार, बिना पंखे वाले कमरे में बंद रखा। रघुबीर लाल ने मीडिया से बातचीत में कहा, ''हमारा मानना है कि मारपीट और अत्यधिक गर्मी के कारण उसकी हालत बिगड़ी।'' पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पहले लखनऊ के एक नर्सिंग होम में बच्चे को भर्ती कराने की कोशिश की, लेकिन मना कर दिया गया। इसके बाद वे उसे कानपुर ले गए, जहां लाला लाजपत राय अस्पताल में भी भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद आरोपी शव को बालक के घर के पास छोड़कर फरार हो गए। 

पुलिस टीम ने लखनऊ में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। चकेरी के सहायक पुलिस आयुक्त अभिषेक पांडेय ने बताया कि सौरभ मिश्रा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जबकि हर्षिता सोनी पर धारा 238 (सबूत मिटाना) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत आरोप लगाए गए हैं। दोनों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। घटना के बाद गांव में विरोध प्रदर्शन हुआ। परिजनों ने शुरू में अंतिम संस्कार से इनकार करते हुए कड़ी कार्रवाई और मुआवजे की मांग की, लेकिन बाद में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के दौरे के बाद स्थिति शांत हुई और ड्योढ़ी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

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