'क्या अब भगवान कृष्ण मुस्लिम हो गए?' Akhilesh Yadav की चुप्पी पर BJP का तीखा वार, मौलाना पर FIR

Edited By Anil Kapoor,Updated: 19 Jul, 2026 06:26 AM

case filed against maulana in up for controversial remarks on krishna

भाजपा ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर मौलाना जरजिश अंसारी के उन कथित विवादित बयानों को लेकर निशाना साधा जिसमें कहा गया है कि भगवान कृष्ण दिन में 5 बार नमाज पढ़ते थे। वहीं, लखनऊ पुलिस ने हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के...

Lucknow News: भाजपा ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर मौलाना जरजिश अंसारी के उन कथित विवादित बयानों को लेकर निशाना साधा जिसमें कहा गया है कि भगवान कृष्ण दिन में 5 बार नमाज पढ़ते थे। वहीं, लखनऊ पुलिस ने हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मौलाना के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मौलाना जरजिश अंसारी के कथित बयान का वीडियो सामने आने के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और हिंदू संगठनों ने कड़ी आलोचना की और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा।

केशव प्रसाद मौर्य का सपा पर तीखा हमला
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को अपने आधिकारिक "एक्स" हैंडल पर एक पोस्ट में कहा कि सपा बहादुर अखिलेश यादव की छत्रछाया में उनके मुंहलगे मुस्लिम नेता इतने बेलगाम हो चुके हैं कि भगवान श्रीकृष्ण और श्रीमद्भगवद्गीता को भी नहीं बख्श रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ हिंदू संतों ने सपा से श्री कृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे का समर्थन करने का आग्रह किया। मौर्य ने आरोप लगाया कि यह सरासर हिंदुओं की आस्था का अपमान है। इन बेलगाम नेताओं के समर्थन में तुष्टिकरण करने वाले नेताओं की तरफ से बयान भी दिए जा रहे हैं। ऐसे नेता कड़ी निंदा के पात्र हैं।

कृष्ण भक्त हैं तो हिंदुओं से माफी मांगें अखिलेश
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा बहादुर को इस विषय पर अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए। अगर वे खुद को भगवान श्रीकृष्ण का वंशज और भक्त मानते हैं, तो उन्हें खुलकर करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान करने वाले बयानों के प्रति न केवल अपनी असहमति दर्ज करानी चाहिए, बल्कि हिंदुओं से माफी भी मांगनी चाहिए। पुलिस सूत्रों के अनुसार 16 जुलाई को लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मौलाना जरजिश अंसारी ने एक धार्मिक सभा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और बाद में उनके भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया, जिससे हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची और सार्वजनिक शांति भंग होने का खतरा पैदा हुआ।

लखनऊ में मौलाना जरजिश अंसारी पर FIR दर्ज
पुलिस ने अंसारी के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए कार्यों से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। यह प्राथमिकी अखिल भारत हिंदू महासभा के सदस्यों द्वारा हजरतगंज थाने में अंसारी के खिलाफ शिकायत सौंपने के बाद दर्ज की गई। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मौलवी के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की थी। यह शिकायत एक वीडियो के वायरल होने के बाद की गई, जिसमें अंसारी को इस साल की शुरुआत में झारखंड में एक धार्मिक सभा को संबोधित करते हुए दिखाया गया था। जैसे-जैसे विवाद बढ़ा, भाजपा ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा।

लखनऊ की सड़कों पर पोस्टर वॉर: अखिलेश की चुप्पी पर सवाल
बताया जा रहा है कि शनिवार को लखनऊ के गौतमपल्ली इलाके में लगाए गए एक पोस्टर में इन कथित बयानों पर यादव की चुप्पी पर सवाल उठाया गया। पोस्टर में लिखा था कि मौलवी को अखिलेश का संरक्षण प्राप्त है, क्या अब भगवान कृष्ण को मुस्लिम घोषित कर दिया गया है? इसमें आगे पूछा गया कि अखिलेश जी, आप तब क्यों चुप हैं जब मौलवी यह दावा कर रहे हैं कि करोड़ों लोगों द्वारा पूजनीय भगवान कृष्ण एक मुस्लिम थे? पोस्टर या आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

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