Edited By Ramkesh,Updated: 05 Apr, 2025 01:19 PM

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को दोनो सदन में मंजूरी मिल गई है उसके बाद भी इस विधेयक को लेकर सियासत जारी है। भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी इस विधेयक की जहां अच्छाइयां बता रहे हैं तो वहीं विपक्ष इस विधेयक के खिलाफ है। इसी कड़ी में सुहेलदेव पार्टी के...
लखनऊ: वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को दोनो सदन में मंजूरी मिल गई है उसके बाद भी इस विधेयक को लेकर सियासत जारी है। भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी इस विधेयक की जहां अच्छाइयां बता रहे हैं तो वहीं विपक्ष इस विधेयक के खिलाफ है। इसी कड़ी में सुहेलदेव पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के संगठन मंत्री ने इस विधेयक को लेकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सुभासपा नेता ज़फर नक़वी ने कहा कि राजभर के बयानों से आहत होकर पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने कहा कि राजभर मुस्लिम विरोधी नीतियों का समर्थन कर रहे हैं इमामबाड़ों के खिलाफ बयान दे रहे हैं।
आप को बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दल राष्ट्रीय लोकदल द्वारा संसद में वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करने पर पार्टी के प्रदेश महासचिव शाहजेब रिजवी ने शुक्रवार को अपने पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे को वक्फ विधेयक पर राष्ट्रीय लोकदल में बगावत के रूप में देखा जा रहा है। रालोद के प्रदेश महासचिव शाहजेब रिजवी ने बातचीत में अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा कि संसद में वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करने के पार्टी प्रमुख जयंत चौधरी के फैसले से नाराज होकर हमने अपने पद से इस्तीफा देने के साथ ही पार्टी भी छोड़ दी है।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में और भी कई नेता पार्टी छोड़ेंगे। दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पौत्र जयंत चौधरी केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री हैं। शाहजेब रिजवी अपने इस्तीफे के साथ ही चौधरी के विरोध में मुखर हो गए हैं। राष्ट्रीय लोकदल से इस्तीफा देने के बाद वे कहां जाएंगे, इस सवाल पर रिजवी ने कहा कि अभी उन्होंने इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया है। साथी कार्यकर्ताओं से सलाह-मशवरा के बाद ही वह अगला कदम उठाएंगे।