'नजर 3 पर नहीं, 403 पर...' अखिलेश के ट्वीट ने बिगाड़ा तीसरे प्रत्याशी का खेल, UP राज्यसभा चुनाव में दिलचस्प हुआ मोड़

Edited By Anil Kapoor,Updated: 06 Oct, 2026 12:04 PM

now our sights are not set on three but on four hundred and three akhilesh

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा चुनाव के लिए तीसरा उम्मीदवार उतारने को लेकर जारी अटकलों के बीच पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि फिलहाल उनका ध्यान राज्यसभा की 3 सीट पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर है। यादव ने पहले...

Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राज्यसभा चुनाव के लिए तीसरा उम्मीदवार उतारने को लेकर जारी अटकलों के बीच पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि फिलहाल उनका ध्यान राज्यसभा की 3 सीट पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर है। यादव ने पहले कहा था कि जरूरी संख्या बल जुटाने के बाद ही उनकी पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया कि अब हमारी निगाह 3 पर नहीं, चार सौ तीन पर है।'' राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख आज है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 16 अक्टूबर को होगा।

सूत्रों ने बताया कि अखिलेश के इस पोस्ट से यह संदेश जाता है कि पार्टी शायद अब तीसरा उम्मीदवार न उतारे। सपा पहले ही वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े धनराज परिमल नाथवानी को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। दोनों लखनऊ में नामांकन दाखिल कर चुके हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए 8 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इनमें प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह के अलावा राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह और श्रुति गंगवार शामिल हैं। इन 8 उम्मीदवारों में 2 महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है, जबकि अति पिछड़े वर्ग को सबसे अधिक भागीदारी मिली है।

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भाजपा ने 3 अति पिछड़ी जातियों, 2 अनुसूचित जाति (दलित), 2 ब्राह्मण और एक क्षत्रिय बिरादरी के नेताओं को उम्मीदवार बनाया है। राज्यसभा चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के आधार पर होते हैं। इस व्यवस्था में किसी विजयी उम्मीदवार को मिले अतिरिक्त मत उसके बाद बचे उम्मीदवारों को मतदाताओं की दूसरी पसंद के आधार पर स्थानांतरित किए जाते हैं। दोनों पक्षों के नेताओं ने कहा है कि यदि चुनाव मैदान में 10 से अधिक उम्मीदवार होते हैं तो मुकाबला पूरी तरह चुनावी तकनीकी पहलुओं और रणनीतिक योजना पर निर्भर हो जाएगा।

हाल  ही में फतेहाबाद से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा नीत गठबंधन के विधायकों की संख्या घटकर 288 रह गई है। इस गठबंधन में भाजपा के 255 विधायक, अपना दल (सोनेलाल) के 13, राष्ट्रीय लोक दल के 9, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के 6 और निषाद पार्टी के 5 विधायक शामिल हैं। समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन के पास 103 विधायक हैं, जिनमें 101 समाजवादी पार्टी के हैं। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के 2 विधायक हैं, जबकि 3 विधायक किसी भी दल से संबद्ध नहीं हैं।

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