Edited By Purnima Singh,Updated: 23 Nov, 2025 07:09 PM

यूपी के आगरा के नेहरू एन्क्लेव (सदर) में शुक्रवार रात एक डरावनी घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। कारोबारी महेंद्र पाल वर्मा के घर दो बदमाश घुसे और परिवार की महिलाओं पर हमला कर दिया ....
आगरा: यूपी के आगरा के नेहरू एन्क्लेव (सदर) में शुक्रवार रात एक डरावनी घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। कारोबारी महेंद्र पाल वर्मा के घर दो बदमाश घुसे और परिवार की महिलाओं पर हमला कर दिया। घटना में कारोबारी की बहू पूनम वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गईं, उनके सिर में 10 टांके आए। भीड़ की मदद से दोनों बदमाश मौके पर ही पकड़ लिए गए और शनिवार को पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया।
मुख्य आरोपी का खुलासा
पकड़े गए मुख्य आरोपी विशाल ने पुलिस के सामने अपनी कहानी बताते-बताते रोना शुरू कर दिया। उसने बताया कि उसकी तीन गर्लफ्रेंड्स हैं और उनके खर्चों के लिए उसे लगातार पैसे चाहिए। पहले वह कोसी में एक जगह नौकरी करता था, लेकिन कम वेतन मिलने के कारण उसने नौकरी छोड़ दी। विशाल ने कहा कि उसे जेल जाने का डर नहीं लगता, क्योंकि वह पहले भी 5 बार जेल की हवा खा चुका है। उसने बताया कि रिश्तेदार और समाज से सहयोग नहीं मिलता, इसलिए चोरी और लूट का रास्ता अपनाया। उसने अपने साथी अमन को शराब पिला कर लूट में शामिल किया और पांच हजार रुपये देने का वादा किया। अमन बिना सवाल किए तैयार हो गया।
पूरी तैयारी के साथ वारदात
दोनों बदमाशों के पास टेप, सर्जिकल ग्लव्स, रस्सी, नकली पिस्टल और चाकू था। वारदात के समय घर पर कारोबारी की बेटी मुस्कान, बहू पूनम और चार साल का नाती मौजूद थे। परिवार के बाकी लोग शादी समारोह में गए हुए थे। पूनम जैसे ही घर लौटीं, बदमाश पीछे-पीछे अंदर घुसे। उन्होंने पूनम को लॉबी में पकड़कर बांध दिया, मुंह और हाथ पैकिंग टेप से बंद किए। छोटे बच्चे के मुंह पर भी टेप लगाया गया। नकली पिस्टल की बट से पूनम के सिर पर वार किया गया, जिससे उनका सिर फट गया और खून बहने लगा। मुस्कान उस समय रसोई में थीं और शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया। भीड़ ने दौड़कर दोनों बदमाशों को पकड़ लिया।
परिवार और पुलिस का बयान
कारोबारी महेंद्र पाल वर्मा ने कहा कि उनके भांजे गाजीपुर के एसपी और आगरा के एसीपी हैं, इसलिए उन्हें भरोसा था कि कोई नुकसान नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि बदमाश चाकू भी लाए थे, लेकिन गनीमत रही कि बहू को चाकू से नहीं मारा गया।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि विशाल के पुराने मामलों में किसने उसकी जमानत कराई थी, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस सभी मामलों में जमानत निरस्त कराने की तैयारी कर रही है और हिस्ट्रीशीट भी खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि वह जेल से छूटने के बाद भी निगरानी में रहे।