Edited By Harman Kaur,Updated: 19 May, 2023 05:25 PM

साल 2021 में सुपरस्टार शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन खान का नाम ड्रग्स मामले (Aryan Khan Drugs Case) में सामने आया था, जिससे इंडस्ट्री में खलबली मच गई थी। इस मामले में फंसे आर्यन को जेल की हवा भी खानी पड़ी थी....
यूपी डेस्क: साल 2021 में सुपरस्टार शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन खान का नाम ड्रग्स मामले (Aryan Khan Drugs Case) में सामने आया था, जिससे इंडस्ट्री में खलबली मच गई थी। इस मामले में फंसे आर्यन को जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। हालांकि, करीब एक महीने बाद वह जेल से रिहा हो गए थे। वहीं, अब हाल ही में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की एक ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पूर्व NCB अधिकारी समीर वानखेड़े ने ड्रग्स मामले में आर्यन और अरबाज का नाम आखिरी मिनट में जोड़ा था, जबकि कुछ आरोपियों के नामों के इससे हटा दिया गया था। इस दावे के बाद घमासान मच गया है।

समीर वानखेड़े ने मीडिया को बताया कि ज्ञानेश्वर सिंह ने एक मनगढ़ंत रिपोर्ट प्रस्तुत की और कैट ने रिपोर्ट पर रोक लगा दी थी। सूचना नोट को अंतिम समय में संशोधित किया गया था और आरोपी आर्यन और अरबाज के नाम शामिल किए गए थे। कुछ अन्य संदिग्धों के नाम मूल सूचना नोट से हटा दिए गए थे। हलफनामे में आगे कहा गया कि आर्यन को हिरासत में लेने के बाद एक के बाद चूक हुई और यही सबूत है कि किरण गोसावी को मौका देने के लिए जानबूझकर समझौता किया गया था, जो ड्रग भंडाफोड़ मामले में एक गवाह और अब NCB मामले में आरोपी है। NCB ने बाद में आर्यन के खिलाफ मामला वापस ले लिया। गोसावी द्वारा रिलीज आर्यन की ऑडियो रिकॉर्डिंग एक चूक मानी गई। बता दें कि क्रूज लाइनर की छापेमारी के कुछ घंटों बाद आर्यन के साथ गोसावी की एक सेल्फी वायरल हुई थी।

NCB ऑफिस में रिकॉर्डिंग डिवाइस से छेड़छाड़ की बात आई सामने
हलफनामे में ये भी बताया गया कि NCB ऑफिस में रिकॉर्डिंग डिवाइस से छेड़छाड़ की गई थी। CCTV फुटेज को वेरीफाई करने के लिए विशेष जांच दल द्वारा कलेक्ट किया था। हालांकि, बाद में यह पता कि यह खराब हो गया था। DVR और NCB मुंबई के ऑफिस द्वारा दी गई हार्ड डिस्क अलग थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जोन की कार्रवाइयों से ऐसा प्रतीत होता है कि सीसीटीवी फुटेज में कुछ महत्वपूर्ण था और वहीं जानबूझकर एसईटी को नहीं दिया गया था।

रिपोर्ट में बताया गया है कि छापे के दौरान उसके बैग में रोलिंग पेपर बरामद होने के बावजूद NCB द्वारा संदिग्धों में से एक सौम्या सिंह की रिहाई पर भी संदेह है। वहीं, एक अन्य आरोपी मॉडल मुनमुन धमेचा के साथ उसी कमरे में थी। संदिग्ध की रिहाई में समझौता करने का आरोप भी है। धमेचा ने हाल ही में एक मीडिया इंटरव्यू में सिंह को रिहा करने के एनसीबी के फैसले पर सवाल उठाए थे। एक अन्य संदिग्ध सिद्दार्थ शाह, जिसने मर्चेंट को चरस देने की बात स्वीकार की थी, को जाने दिया गया। एनसीबी ने मर्चेंट के पास से 6 ग्राम चरस बरामद करने का दावा किया था।