Rahul Gandhi मानहानि केस में नया मोड़: BJP नेता पहुंचे सत्र न्यायालय, MP/MLA कोर्ट में अब 17 जून को अगली सुनवाई

Edited By Anil Kapoor,Updated: 22 May, 2026 07:35 AM

next hearing in defamation case against rahul gandhi will be held on june 17

लोकसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ सुलतानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहे मानहानि मामले में गुरुवार को नया घटनाक्रम सामने आया। भाजपा नेता विजय मिश्रा की ओर से निचली अदालत के एक आदेश को चुनौती देते हुए सत्र न्यायालय...

Sultanpur News: लोकसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ सुलतानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहे मानहानि मामले में गुरुवार को नया घटनाक्रम सामने आया। भाजपा नेता विजय मिश्रा की ओर से निचली अदालत के एक आदेश को चुनौती देते हुए सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका (रिवीजन) दायर की गई है। मामले की सुनवाई कर रहे एमपी/एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश शुभम वर्मा ने मूल मानहानि वाद में अगली सुनवाई के लिए 17 जून की तारीख निर्धारित की है। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि परिवादी विजय मिश्रा ने निचली अदालत के उस आदेश के खिलाफ रिवीजन दाखिल किया है, जिसमें साक्ष्य के रूप में कुछ सैंपल लेने संबंधी उनकी मांग खारिज कर दी गई थी। यह निगरानी याचिका वर्तमान में एडीजे पंचम राकेश कुमार की अदालत में विचाराधीन है।

एडीजे कोर्ट ने तलब की पत्रावली, 2 मई के फैसले को चुनौती
एडीजे कोर्ट ने रिवीजन याचिका पर सुनवाई के लिए 30 मई की तारीख तय की है तथा संबंधित पत्रावली भी तलब की है। इस बीच मूल मानहानि मामले की अगली सुनवाई 17 जून को एमपी/एमएलए कोर्ट में होगी। निगरानी याचिका निचली अदालत के 2 मई के आदेश के खिलाफ दायर की गई है। उस दिन परिवादी पक्ष की ओर से साक्ष्य के रूप में सैंपल लेने के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र को अदालत ने खारिज कर दिया था। अधिवक्ता संतोष पांडेय ने आदेश की सत्य प्रतिलिपि उपलब्ध न होने का हवाला देते हुए रिवीजन दाखिल करने के लिए समय मांगा था।

राहुल गांधी ने खुद को बताया था निर्दोष, कहा था—'राजनीतिक साजिश'
उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अक्टूबर 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपए के दो मुचलकों पर जमानत दे दी थी। राहुल गांधी ने 26 जुलाई 2024 को एमपी/एमएलए कोर्ट में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया था। इसके बाद अदालत ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, जिसके तहत लगातार गवाह पेश किए जा रहे हैं।

बयान दर्ज होने के बाद भी राहुल पक्ष ने नहीं दिया कोई अतिरिक्त साक्ष्य
इससे पूर्व राहुल गांधी ने सीआरपीसी की धारा 313 के तहत भी अपना बयान दर्ज कराया था। अदालत ने उन्हें अपनी बेगुनाही के समर्थन में सफाई और साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया था, हालांकि उनके अधिवक्ता की ओर से कोई अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।

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