Edited By Purnima Singh,Updated: 30 May, 2026 05:09 PM

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारतीय सेनाओं की स्मृतियों को सहेजने वाली वाटिकाएं और संग्रहालय सेना से आत्मीय रिश्ते को फिर से जीवंत कर लोगों में उसके प्रति कृतज्ञता का भाव उत्पन्न करते हैं ...
लखनऊ : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारतीय सेनाओं की स्मृतियों को सहेजने वाली वाटिकाएं और संग्रहालय सेना से आत्मीय रिश्ते को फिर से जीवंत कर लोगों में उसके प्रति कृतज्ञता का भाव उत्पन्न करते हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ यहां इकाना स्टेडियम के पास 'नौसेना शौर्य वाटिका' का लोकार्पण करने के बाद अपने सम्बोधन में रक्षा मंत्री ने कहा कि यह पार्क कोई साधारण पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि एक जीवंत प्रेरणास्थल है और यह शौर्य वाटिका आने वाली पीढ़ियों को यह बताएगी कि आजादी और सुरक्षा की कीमत क्या होती है।
'शौर्य वाटिका सैनिकों के बलिदान को सलामी'
उन्होंने कहा, ''कई लोग यह सोच सकते हैं कि आखिर इस तरह की शौर्य वाटिका का लखनऊ में क्या काम है, लेकिन इस पर हमें सोचने की जरूरत है कि हमारी सीमाओं की हिफाजत करने वाले हमारे सैनिकों का जो बलिदान है, उनका रोज का जो संघर्ष है, उससे हमारा आत्मीय रिश्ता रोजमर्रा की भागदौड़ में पीछे छूट जाता है।'' उन्होंने कहा, '' ऐसे में यह शौर्य वाटिका हमें एक बार रुक कर सोचने पर मजबूर करेगी कि जिन लोगों की वजह से हमारी यह सारी जिंदगी सुरक्षित चल रही है, उनका योगदान हमारी जिंदगी में कितना बड़ा है। उनके प्रति हमारी नई पीढ़ी कृतज्ञता का अनुभव करेगी, ऐसा मेरा विश्वास है।''
'रिटायर उपकरण स्कूल, कॉलेज में हों प्रदर्शित'
उन्होंने शौर्य वाटिका में प्रदर्शन के लिये नौसेना से 'रिटायर' हो चुकी एक पनडुब्बी भी मंगवाने का भरोसा दिलाया। सिंह ने कहा कि उनके पास स्कूलों, कॉलेजों और संस्थाओं से पत्र आते रहते हैं कि उन्हें अपने यहां प्रदर्शन के लिये सेना से निष्प्रयोज्य हो चुके टैंक, लड़ाकू विमान या हेलीकॉप्टर चाहिये। उन्होंने कहा, ''मेरा हमेशा यही प्रयास रहता है कि जिन उपकरणों ने दशकों तक हमारे देश की सेवा की है वे रिटायर होने के पश्चात स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय में प्रदर्शित हों। क्योंकि जब हमारी नई पीढ़ी उन्हें अपनी आंखों के सामने देखेगी, उन्हें स्पर्श करेगी तो उसके भीतर राष्ट्र निर्माण का स्वाभाविक रूप से एक जोश भी पैदा होगा। आज जो नौसेना शौर्य वाटिका यहां आपके सामने है, इसके पीछे भी यही सोच है।''
युद्धपोत INS गोमती होगा मुख्य आकर्षण
रक्षा मंत्री ने शौर्य वाटिका के लिये प्रमुख स्थान पर जमीन उपलब्ध कराने, बजट स्वीकृत करने और इसे रिकॉर्ड समय में तैयार करवाने के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना भी की। सिंह ने भारतीय नौसेना का लखनऊ और गोमती नदी से पुराना नाता बताते हुए कहा कि गोमती नदी लखनऊ की जीवन धारा है और इसी गोमती के नाम पर एक आईएनएस गोमती नाम का युद्धपोत भी है, जिसे 1988 में हमारी नौसेना में शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि इस युद्धपोत के आधिकारिक चिह्न पर लखनऊ की ऐतिहासिक छतर मंजिल की तस्वीर अंकित थी और इसी अटूट बंधन का उत्सव मनाने के लिए आज यहां नौसेना शौर्य वाटिका प्रारंभ की गई है।