Edited By Purnima Singh,Updated: 31 May, 2026 07:39 PM

उत्तर प्रदेश सरकार इस साल राज्य मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित करेगी। प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने रविवार को बताया कि मदरसा बोर्ड की मुंशी/मौलवी (हाईस्कूल के...
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार इस साल राज्य मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित करेगी। प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने रविवार को बताया कि मदरसा बोर्ड की मुंशी/मौलवी (हाईस्कूल के समकक्ष) और आलिम (इंटरमीडिएट के समकक्ष) परीक्षा की मेरिट सूची के शीर्ष 10 छात्र-छात्राओं को लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोनों ही परीक्षाओं के परिणामों की मेरिट सूची में शामिल शीर्ष तीन छात्र-छात्राओं को टैबलेट दिया जाएगा और इसके लिए जून के पहले सप्ताह में लखनऊ में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
अंसारी ने बताया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य मदरसा शिक्षा को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी बनाना है, ताकि अल्पसंख्यक समाज के छात्र-छात्राएं मुख्यधारा से जुड़कर बेहतर भविष्य बना सकें। उन्होंने बताया कि दोनों वर्गों के शीर्ष तीन-तीन विद्यार्थियों को टैबलेट दिए जाएंगे ताकि वे अपनी आगे की पढ़ाई और बेहतर ढंग से कर सकें। अंसारी ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है कि अल्पसंख्यक समाज के छात्र आधुनिक शिक्षा से जुड़ें और समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'एक हाथ में कुरान और एक हाथ में कंप्यूटर' विजन को राज्य सरकार जमीनी स्तर पर लागू करने का प्रयास कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक मदरसा बोर्ड द्वारा घोषित परिणामों के मुताबिक मुंशी/मौलवी की परीक्षा में चंदौली के मोहम्मद वसीम ने पहला, मिर्जापुर के मोहम्मद कासिम अली ने दूसरा और गोरखपुर की शाइमा परवीन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा आलिम वर्ग में शीर्ष तीनों स्थानों पर छात्राओं ने कब्जा जमाया, जिनमें वाराणसी की जुमी फरीन, शाइस्ता परवीन और उम्मुल खैर शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इसी साल फरवरी में हुई राज्य मदरसा बोर्ड परीक्षा में कुल 80,933 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे जिनमें से 63,211 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया और 55,788 छात्रों ने परीक्षा पास की।