Edited By Anil Kapoor,Updated: 07 Jun, 2026 02:36 PM

महोबा जिले में एक हृदयविदारक घटना में कब्रिस्तान गए एक कैंसर पीड़ित व्यक्ति का शव अपनी पत्नी और छोटे बेटे के कब्रों के बीच पाया गया। अपने परिवार के इन दोनों सदस्यों की मौत के महज 11 दिन बाद मृत पाए गए इस शख्स का एक हाथ अपनी बीवी और दूसरा हाथ बेटे की...
Mahoba News: महोबा जिले में एक हृदयविदारक घटना में कब्रिस्तान गए एक कैंसर पीड़ित व्यक्ति का शव अपनी पत्नी और छोटे बेटे के कब्रों के बीच पाया गया। अपने परिवार के इन दोनों सदस्यों की मौत के महज 11 दिन बाद मृत पाए गए इस शख्स का एक हाथ अपनी बीवी और दूसरा हाथ बेटे की कब्र पर था। चरखारी कस्बे के एक कब्रिस्तान में 40 वर्षीय सुबहान अहमद का शव शुक्रवार सुबह मिला।परिवार के सदस्यों के अनुसार उनका एक हाथ पत्नी की कब्र पर और दूसरा छह साल के बेटे की कब्र पर था और जिसने भी यह दृश्य देखा, उसकी आंखें भर आयीं। उन्होंने बताया कि इस घटना के साथ ही परिवार में 11 दिनों के भीतर तीसरी मौत हुई है, जिससे तीन बच्चे अनाथ हो गए हैं। मूल रूप से पड़ोसी मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के हरपालपुर के स्टेशन इलाके के रहने वाले सुबहान मुंह के कैंसर से जूझ रहे थे और वह अपनी पत्नी रजिया खातून और अपने चार बच्चों हसनैन, सैफ, रोशनी और आलिया के साथ रहते थे।
मां-बेटे दोनों को अगल-बगल दी गई थी अंतिम विदाई
परिजन के मुताबिक परिवार पर मुसीबत का दौर 25 मई को शुरू हुआ, जब 6 साल का हसनैन उल्टी और दस्त के कारण गंभीर रूप से बीमार पड़ गया और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। परिवार के सदस्यों ने बताया कि बेटे की हालत देखकर उसकी मां रजिया को गहरा सदमा लगा और तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि मां और बेटे को चरखारी में ईदगाह के पास एक कब्रिस्तान में अगल-बगल दफनाया गया था। परिजन के मुताबिक सुबहान तभी से अपने तीनों बच्चों के साथ चरखारी स्थित अपने ससुराल में रह रहे थे और वह हर सुबह फातेहा पढ़ने के लिए अपनी पत्नी और बेटे की कब्रों पर जाते थे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को वह हमेशा की तरह घर से यह कहकर निकले थे कि वह कब्रिस्तान में फातेहा पढ़ने जा रहे हैं।
पैर पर कीड़े के काटने का निशान देख गहराया सस्पेंस
परिवार के सदस्यों के अनुसार सुबहान जब वह कई घंटों तक नहीं लौटे तो रिश्तेदार उन्हें ढूंढते हुए कब्रिस्तान पहुंचे, जहां सुबहान अपनी बीवी रजिया और बेटे हसनैन की कब्रों के बीच मृत पाए गए। परिवार के एक सदस्य ने कहा कि बीवी और बेटे की मौत के बाद से सुबहान एक भी दिन फातेहा पढ़ने के लिये कब्रिस्तान जाना नहीं भूलते थे। शुक्रवार को उन्हें वहां उस हालत में पाना दिल तोड़ने वाला था। अब उनके बाकी तीनों बच्चे अनाथ रह गये। सुबहान के साले सलीम ने बताया कि उनके बहनोई के पैर पर किसी कीड़े के काटने जैसा निशान दिखा, जिसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी और पोस्टमार्टम कराने की मांग की।
कैंसर से जूझ रहे सुभान को पत्नी की कब्र के पास ही किया गया सुपुर्द-ए-खाक
चरखारी के थाना प्रभारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि सुबहान को मुंह का कैंसर था और उनकी बीमारी काफी गंभीर थी। परिजन ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम को सुबहान को उनकी पत्नी की कब्र के पास सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दुखद घटना की खबर इलाके में तेजी से फैली और हर किसी ने चंद दिनों के अंदर माता-पिता और एक बच्चे की मौत होने से परिवार बिखर जाने पर अफसोस जाहिर किया।