मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बोले- EVM इंटरनेट, ब्लूटूथ या वाई-फाई से नहीं होती कनेक्ट

Edited By Ramkesh,Updated: 24 Aug, 2026 08:25 PM

chief election commissioner gyanesh kumar stated that evms are not connected to

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि 'इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन' (ईवीएम) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा निर्मित की जाती हैं और वे इंटरनेट, 'ब्लूटूथ' या 'वाई-फाई' से जुड़ी नहीं होती हैं। एक बयान के मुताबिक कुमार ने अपने दो दिवसीय...

लखनऊ: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि 'इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन' (ईवीएम) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा निर्मित की जाती हैं और वे इंटरनेट, 'ब्लूटूथ' या 'वाई-फाई' से जुड़ी नहीं होती हैं। एक बयान के मुताबिक कुमार ने अपने दो दिवसीय लखनऊ दौरे के दौरान यहां 'कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज' में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के दौर में भ्रामक सूचनाओं और 'फेक न्यूज' से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना को स्वीकार करने से पहले उसके स्रोत और सत्यता की जांच करना आवश्यक है।

 मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करने के साथ ही भारतीय लोकतंत्र, चुनावी प्रक्रिया, ईवीएम की विश्वसनीयता, 'फेक न्यूज' से सतर्कता और युवा मतदाताओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। ईवीएम से संबंधित सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया, ''भारतीय ईवीएम सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा निर्मित की जाती हैं और वे इंटरनेट, ब्लूटूथ या वाई-फाई से जुड़ी नहीं होती हैं।

उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए युवाओं से लोकतंत्र में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले विद्यार्थियों से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की अपील की। कुमार ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि 20 जिलों से आए हुए प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ संवाद से इस बात का आश्वासन मिलता है कि छात्र—छात्राओं को चुनावी प्रक्रियाओं का पूरा ज्ञान भी है और उसकी पारदर्शिता एवं उसमें उनकी सहभागिता पर उन्हें नाज भी है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि भारत के चुनाव संविधान, कानून और निर्देशों के तहत ही होते हैं।

 उन्होंने कहा कि भारत में जब मतदाता सूची बनती है तो उसका उसी समय सभी राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंट ऑडिट करते हैं और जब मतदान एवं मतगणना होती है तो उस समय भी उसका उम्मीदवारों के एजेंट् ऑडिट करते हैं और इसी पारदर्शी प्रक्रिया को छात्रों ने स्वयं देखा। कुमार ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा को इस आयोजन के लिये धन्यवाद देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में जितने भी लोग आए थे वे अब निर्वाचन आयोग के 'बहुत बड़े परिवार' का एक हिस्सा भी बन चुके हैं। इससे पहले, छात्रों से संवाद के दौरान कुमार ने बताया कि निर्वाचन आयोग के डिजिटल माध्यमों के जरिए मतदाता पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं मतदाता बनें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें।

कुमार ने बताया कि अमेरिका जाने की तैयारी के दौरान उनकी माताजी की इच्छा और मातृभूमि के प्रति लगाव ने उन्हें देश में रहकर जनसेवा करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने आईएएस की परीक्षा उत्तीर्ण की और केरल कैडर से प्रशासनिक सेवा की शुरुआत की। कुमार ने कहा कि देश सेवा की इसी यात्रा ने उन्हें आज विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के दायित्व तक पहुंचाया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, ''भारत में करीब 100 करोड़ मतदाता हैं और इतनी बड़ी आबादी के लिए चुनाव कराना अपने आप में एक विशाल कार्य है।'' उन्होंने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदारी निभाते हैं तथा निर्वाचन आयोग संविधान, कानून और निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त से चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका उन्होंने विस्तार से जवाब दिया।

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