भाजपा अभी लोकसभा में महिलाओं को आरक्षण दे, हमारा पूरा समर्थन: अविनाश पांडे

Edited By Ramkesh,Updated: 26 Apr, 2026 08:47 PM

bjp should immediately grant reservation to women in the lok sabha we fully sup

कांग्रेस के उत्तर प्रदेश मामलों के प्रभारी पार्टी महासचिव अविनाश पांडे ने रविवार को कहा कि भाजपा अभी लोकसभा में महिलाओं को आरक्षण दे, उसमें हमारा पूरा समर्थन है, लेकिन दिखावा मत करे। कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के विचार विभाग की ओर से 'महिला...

लखनऊ: कांग्रेस के उत्तर प्रदेश मामलों के प्रभारी पार्टी महासचिव अविनाश पांडे ने रविवार को कहा कि भाजपा अभी लोकसभा में महिलाओं को आरक्षण दे, उसमें हमारा पूरा समर्थन है, लेकिन दिखावा मत करे। कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के विचार विभाग की ओर से 'महिला आरक्षण अधिनियम: सम्मान या छलावा' विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें प्रदेश भर से सैकड़ों महिलाएं शामिल हुईं।

महिलाएं बराबर की हकदार हैं
पांडे ने इस मौके पर कहा, "महिलाएं बराबर की हकदार हैं। कांग्रेस ने शुरू से महिलाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए काम किया।" उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनाना सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम था। उन्होंने कहा, "2023 में महिला आरक्षण विधेयक कांग्रेस के समर्थन से पास हुआ, लेकिन भाजपा उसे लागू नहीं कर रही है। भाजपा अभी लोकसभा में महिलाओं को आरक्षण दे, हमारा पूरा समर्थन है, लेकिन दिखावा मत करे, जनता सब जानती है।

पत्नी को सम्मान नहीं दे सका, वह देश की महिलाओं  क्या सम्मान देगा?
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा,''हम महिलाओं के हक की लड़ाई लड़ेंगे। जो अपनी पत्नी को सम्मान नहीं दे सका, वह देश की महिलाओं को क्या सम्मान देगा? राय ने कहा कि बीएचयू में छात्रा से दुष्कर्म करने वाले भाजपा पदाधिकारियों का स्वागत भाजपा विधायकों ने किया, ये महिला सम्मान के नाम पर खिलवाड़ कर रहे हैं। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के उत्थान के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने पंचायतों में महिला आरक्षण दिया, जिसका भाजपा नेताओं ने तब विरोध किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इंदिरा जी और सोनिया जी को अध्यक्ष बनाया, क्या भाजपा अगला प्रधानमंत्री या राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी महिला को बनाएगी? 

 महिला आरक्षण विधेयक जब 2023 में पास हुआ है 
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति रूपरेखा वर्मा ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक जब 2023 में पास हो गया था तो 2029 तक के लिए उसे क्यों रोका गया, यह महिलाओं से बहुत भद्दा मजाक था। वर्मा ने कहा कि समाज में आरक्षण की जरूरत है क्योंकि एक लड़की के पैदा होने के पहले ही भेदभाव होने लगता है, इस नियत को बदलना होगा। गोष्ठी में सामाजिक कार्यकर्ता नाइस हसन और विचार विभाग के चेयरमैन एच.एल. दुसाध ने भी विचार रखे।
 

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