भ्रष्टाचार के आरोपों की CBI जांच के आदेश के बाद कांग्रेस ने मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा

Edited By Nitika,Updated: 29 Oct, 2020 11:58 AM

congress asks for resignation of chief minister

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच के उच्च न्यायालय के आदेश के एक दिन बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने नैतिक आधार पर उनका इस्तीफा मांगा।

 

देहरादूनः उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच के उच्च न्यायालय के आदेश के एक दिन बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने नैतिक आधार पर उनका इस्तीफा मांगा। मुख्यमंत्री के खिलाफ एक पत्रकार द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को सीबीआई जांच का आदेश दिया था।

कांग्रेस महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत तथा उत्तराखंड में पार्टी मामलों के नवनियुक्त प्रभारी देवेंद्र यादव के साथ यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि एक ऐसा मुख्यमंत्री, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस' की नीति का बखान करने से नहीं थकता, उसे ऐसा आदेश आने के बाद अब एक मिनट भी पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। प्रीतम सिंह ने कहा कि पार्टी ने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मिलने का समय मांगा है जिससे वह उनके सामने इस मुद्दे को रख सके और इस मामले में उनसे दखल देने का अनुरोध कर सके।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उच्च न्यायालय के आदेश को 'गंभीर' बताया और मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पद छोडने को कहा। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मुख्यमंत्री को तत्काल पद छोड देना चाहिए, ताकि उनके खिलाफ लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ हो सके। हरीश रावत ने कहा कि मामले को राज्यपाल के सामने उठाने के अलावा पार्टी अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए ‘‘न्याय के लिए संघर्ष '' जारी रखेगी। नया दायित्व संभालने के बाद पहली बार राज्य में आए कांग्रेस प्रभारी यादव ने कहा कि उच्च न्यायालय के सीबीआई जांच के आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा की कथनी और करणी में फर्क है। राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश तथा पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी संवाददाता सम्मेलन में मौजूद थे।

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों की सीबीआई जांच का मंगलवार को आदेश देते हुए पत्रकार उमेश शर्मा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रदद कर दी थी। गौरतलब है कि शर्मा ने सोशल मीडिया पर डाले गये एक पोस्ट में आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत लाभ प्राप्त करने के लिए झारखंड के अमृतेश चौहान ने एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर हरेंद्र रावत के बैंक खाते में पैसे जमा करवाए। पोस्ट में दावा किया गया था कि हरेंद्र रावत की पत्नी डॉ. सविता रावत, मुख्यमंत्री की पत्नी की सगी बहन हैं।
 

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