Edited By Anil Kapoor,Updated: 02 Jun, 2026 07:33 AM

उत्तर प्रदेश के मेरठ में कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का उर्फ रिया की हत्या के मामले में पुलिस डीएनए जांच कराएगी और परीक्षण के लिए नमूने ले लिए गए हैं। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। परिजन हालांकि अब शव को अनुष्का का मान चुके हैं और उसका अंतिम संस्कार....
Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ में कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का उर्फ रिया की हत्या के मामले में पुलिस डीएनए जांच कराएगी और परीक्षण के लिए नमूने ले लिए गए हैं। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। परिजन हालांकि अब शव को अनुष्का का मान चुके हैं और उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में फास्टफूड की दुकान पर काम करने वाले एक व्यक्ति ने रुपयों के लेनदेन को लेकर अनुष्का की कथित तौर पर हत्या कर दी थी। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान श्याम धानक (42) के रूप में हुई है।
12वीं की छात्रा अनुष्का की हत्या का खुला राज
पुलिस के मुताबिक, दौराला के चिरौड़ी गांव निवासी नेमपाल ने 28 अप्रैल को कंकरखेड़ा थाने में बेटी अनुष्का उर्फ रिया (17) के 16 अप्रैल से लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। अनुष्का कंकरखेड़ा बाईपास स्थित एक स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा और कबड्डी खिलाड़ी थी। पुलिस ने बताया कि वह पढ़ाई और खेल अभ्यास के लिए पिछले 9 महीने से शोभापुर बाईपास में किराए के एक मकान में रह रही थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह शोभापुर कट के पास एक खाने-पीने की दुकान पर काम करता था और वहीं रहता था। पुलिस ने आरोपी के हवाले से बताया कि अनुष्का से उसकी जान-पहचान थी और वह उससे रुपए लेती थी तथा रुपये मांगने पर हुए विवाद में उसने ईंट से वार कर अनुष्का की हत्या कर दी।
अंतिम संस्कार के बाद अब होगा DNA टेस्ट
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने शव को बोरे में भरकर रोहटा बाईपास रोड के पास नाले में फेंक दिया था। आरोपी की निशानदेही पर रविवार को पुलिस ने शव बरामद कर लिया। कई दिन तक नाले में पड़े रहने के कारण शव कंकाल में बदल गया था। कंकरखेड़ा थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि डीएनए परीक्षण के लिए नमूने ले लिए गए हैं और माता-पिता के नमूने भी जांच के लिए भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि परिजन अब शव को अनुष्का का मान चुके हैं और उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक (नगर) विनायक गोपाल भोंसले ने बताया कि कुछ लोगों ने परिजनों को गुमराह किया था और बरामद मोबाइल फोन समेत अन्य तथ्यों के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान कर ली है।