Edited By Anil Kapoor,Updated: 07 Apr, 2026 11:04 AM

Prayagraj News: भारतीय रेल के उत्तर मध्य जोन यानी उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने इस बार ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिसने पूरे सिस्टम को चौंका दिया है। कबाड़ से जुगाड़ की कहावत को हकीकत में बदलते हुए...
Prayagraj News (सैय्यद आकिब रजा): भारतीय रेल के उत्तर मध्य जोन यानी उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने इस बार ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिसने पूरे सिस्टम को चौंका दिया है। कबाड़ से जुगाड़ की कहावत को हकीकत में बदलते हुए NCR ने स्क्रैप बेचकर 317 करोड़ रुपए से ज्यादा का राजस्व जुटा लिया है। यह आंकड़ा न सिर्फ लक्ष्य से आगे है, बल्कि रेलवे के लिए एक नया कीर्तिमान भी है।
रेलवे के यार्ड, वर्कशॉप और ट्रैकों के किनारे पड़े पुराने लोहे, उपकरण और बेकार सामग्री को बेकार समझने की भूल NCR ने नहीं की। सुनियोजित रणनीति के तहत इन्हें नीलाम कर 317 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की गई। इससे रेलवे की आय बढ़ी ही, साथ ही साफ-सफाई और स्पेस मैनेजमेंट में भी बड़ा सुधार हुआ।
दूसरी तरफ NCR ने बेटिकट यात्रियों पर भी जोरदार कार्रवाई की है। टिकट चेकिंग अभियान को तेज करते हुए 148 करोड़ रुपए की वसूली की गई है। यह दर्शाता है कि अब रेलवे नियमों को लेकर बिल्कुल सख्त हो चुका है। यात्रीगण कृपया ध्यान दें अब सिर्फ अनाउंसमेंट नहीं, बल्कि चेतावनी भी बन गया है।
लोडिंग में ऐतिहासिक उपलब्धि
सिर्फ राजस्व ही नहीं, बल्कि माल ढुलाई में भी NCR ने इतिहास रच दिया है। 21 मिलियन टन से अधिक माल ढुलाई कर इस जोन ने अपनी क्षमता और कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है। यह उपलब्धि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में भी अहम भूमिका निभाती है।

इस पूरी सफलता पर शशिकांत त्रिपाठी (CPRO, NCR) ने खास बातचीत में बताया कि यह उपलब्धि टीम वर्क, सख्त निगरानी और बेहतर प्लानिंग का नतीजा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी NCR इसी तरह नए रिकॉर्ड बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
NCR ने यह साबित कर दिया है कि सही रणनीति और सख्त अमल से न सिर्फ नियम लागू कराए जा सकते हैं, बल्कि बेकार समझे जाने वाले संसाधनों से भी करोड़ों की कमाई की जा सकती है। अब सवाल यह है कि क्या बाकी जोन भी NCR के इस मॉडल को अपनाकर ऐसे ही रिकॉर्ड बना पाएंगे?