Edited By Mamta Yadav,Updated: 02 Apr, 2025 04:34 AM

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में माता रानी की शोभा यात्रा पर मुस्लिम समाज के लोगों ने पुष्पवर्षा कर हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल कायम की है। उस समय छतारी क्षेत्र में माता रानी की शोभायात्रा निकाली जा रही थी। यह पुष्पवर्षा उसी गांव की गई, जहां कुछ...
Hamirpur News, (वरूण शर्मा): उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में माता रानी की शोभा यात्रा पर मुस्लिम समाज के लोगों ने पुष्पवर्षा कर हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल कायम की है। उस समय छतारी क्षेत्र में माता रानी की शोभायात्रा निकाली जा रही थी। यह पुष्पवर्षा उसी गांव की गई, जहां कुछ दिनों पहले कुछ शरारती तत्वों ने नवरात्रों में माता रानी की मूर्तियां खड़ित कर दी थी।

बता दें कि, छतारी के नारऊ गांव में 29 मार्च की रात को कुछ शरारती तक लोगों ने पथवारी मंदिर में माता रानी की मूर्तियां खंडित कर दी। सूचना मिलने पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने जल्द से जल्द घटना का खुलासा करने का दावा किया था। अब मंगलवार को ग्रामीणों और प्रशासन की मदद से मंदिर में दोबारा से नई मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा और हवन पूजा की गई। साथ ही गांव में शोभायात्रा निकाली गई। जिसपर गांव के मुस्लिम समाज के लोगों ने जगह जगह पुष्प वर्षा की, जिसमें सामाजिक सद्भाव और एकजुटता का संदेश दिया।
मुनाजिम खान सोनू, प्रधान माबूद खान, पूर्व प्रधान अनवार खान, असलम खान के नेतृत्व में शोभायात्रा पर फूलों की वर्षा हुई और नवरात्रि की शुभकामनाएं दी। हिंदू समाज ने मुस्लिम समाज का आभार जताया और हमेशा मिलकर रहने का संकल्प लिया। मुनाजिम खान ने कहा कि गांव में सैंकड़ों वर्ष से हिन्दू मुस्लिम साथ रह रहे हैं। किसी ने एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने का काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि आगे भी यह एकता बनी रहेगी। मूर्ति खंडित कर गांव और क्षेत्र का माहौल खराब करने का प्रयास किया गया है। पूर्व प्रधान अनवार खान ने बताया कि गांव में रामलीला ही हमारे पूर्वजों ने शुरू करवाई थी। उन्होंने कहा कि कुछ अराजक तत्व माहौल खराब करना चाहते हैं, उम्मीद है पुलिस सख्त कार्यवाही करेगी।
शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा करने वालों में मुनाजिम खान, अनवार खान, माबूद खान, शमी आलम, इरफान, नाजिम खान, आकिल खान, फरियाद खान, साजिद खान, हामिद खान, मारूफ खान, राशिद राणा आदि मौजूद रहे। ग्रामीणों ने बताया कि मूर्तियां खंड़ित कर माहौल खराब करने की कोशिश की गई थी। माता रानी की शोभायात्रा गांव में निकाली गई। साथ ही माता रानी की मूर्ति को स्थापित किया गया है।