UP Election 2022: अखिलेश का दावा- 300 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगी सपा, 7वें चरण के चुनाव के बाद स्थिति साफ

Edited By Mamta Yadav,Updated: 07 Mar, 2022 07:11 PM

akhilesh claims sp will form government by winning more than 300 seats

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को दावा किया कि राज्य विधानसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण के बाद सत्तारूढ़ भाजपा का राज्य से पूरी तरह सफाया हो जाएगा और सपा की अगुवाई वाला गठबंधन 300 से अधिक...

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को दावा किया कि राज्य विधानसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण के बाद सत्तारूढ़ भाजपा का राज्य से पूरी तरह सफाया हो जाएगा और सपा की अगुवाई वाला गठबंधन 300 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगा। टेलीविजन चैनलों पर दिखाए जा रहे चुनावी सर्वे में सत्तारूढ़ भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावनाएं जताये जाने पर उन्होंने कहा कि टीवी चैनल जो चाहते हैं, दिखाते हैं। सपा गठबंधन पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाएगा।

अखिलेश ने सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाने वाली भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि परिवारवाद के सबसे ज्यादा उदाहरण भाजपा में ही नजर आते हैं। सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूरे चुनाव प्रचार अभियान के दौरान इस पार्टी ने झूठ बोला और फर्जी आंकड़े पेश किए। मगर मतदाताओं ने उनके झूठ को समझ लिया और अपने बेहतर भविष्य तथा महंगाई और बेरोजगारी को दूर करने के लिए उसके खिलाफ मतदान किया।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे आगामी 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे। इस सवाल पर कि वर्ष 2022 का चुनाव उनके लिए किस तरह से अलग रहा, खासतौर पर जब वह सपा का अकेला चेहरा थे और उन्होंने पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान की खुद अगुवाई की, अखिलेश ने कहा "यह चुनाव पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं ने लड़ा है। मैं तो बस उनके साथ था।" सपा अध्यक्ष ने कहा "हमने पहले से ही तैयारी कर रखी थी। हमने प्रशिक्षण शिविर लगाए, रथ यात्रा निकाली जिसे जनता का जबरदस्त समर्थन मिला। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश पैदा हुआ, जिन्होंने पार्टी की जीत के लिए बहुत कड़ी मेहनत की।"

अखिलेश ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 120 से ज्यादा जनसभाओं को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने लोकतंत्र की गरिमा को भुला दिया। उसने 2017 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव में खुद को मिले वोटों का मोल नहीं समझा। उसने बुलडोजर का इस्तेमाल किया, नौकरी मांग रहे लोगों और छात्रों पर लाठियां चलवाई। भाजपा सरकार दरअसल आम आदमी के ही खिलाफ थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अन्य नेताओं द्वारा सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाए जाने के बारे में उन्होंने कहा "भाजपा एक ऐसी पार्टी है जहां परिवारवाद के सबसे ज्यादा उदाहरण नजर आते हैं।"

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि योगी के मामा अगर गोरखनाथ मठ में नहीं होते तो योगी न तो मठ में आ पाते और न ही राजनीति में। उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया और राजनाथ सिंह का भी जिक्र किया। साथ ही परोक्ष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और उनके सांसद पुत्र राजवीर सिंह तथा पौत्र राज्य मंत्री संदीप सिंह की तरफ भी इशारा किया। सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा, "गृह मंत्री अमित शाह का बेटा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का सचिव है। आखिर उसकी क्या योग्यता है?"

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने महंगाई, बेरोजगारी तथा किसानों के मुद्दों पर जनता से झूठ बोला। पूर्व में देश में हुई कई आतंकवादी वारदात में सपा के चुनाव निशान साइकिल का इस्तेमाल किए जाने के प्रधानमंत्री मोदी के बयान के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा "साइकिल आम आदमी की सवारी है। प्रधानमंत्री ने अपनी गलती को समझा और उसके बाद से यह बात कभी नहीं कही।"

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