Edited By Purnima Singh,Updated: 11 Jun, 2026 09:44 AM

गाजियाबाद के डूंडाहेड़ा अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (एसटीपी) से लिए गए नमूने में वैक्सीन-जनित पोलियो वायरस टाइप-1 (वीडीपीवी-1) पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 12 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्रों में विशेष निगरानी और सर्वेक्षण अभियान शुरू...
Ghaziabad News : गाजियाबाद के डूंडाहेड़ा अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (एसटीपी) से लिए गए नमूने में वैक्सीन-जनित पोलियो वायरस टाइप-1 (वीडीपीवी-1) पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 12 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्रों में विशेष निगरानी और सर्वेक्षण अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन ने बताया कि डूंडाहेड़ा पंपिंग स्टेशन से एकत्र किए गए सीवेज नमूने की जांच में पोलियो वायरस की मौजूदगी का पता चला है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वैक्सीन-जनित और गैर-विषाणुजन्य (नॉन-विरुलेंट) वायरस है, जिससे किसी गंभीर नुकसान की आशंका नहीं है। उन्होंने कहा, ''ओरल पोलियो वैक्सीन में जीवित लेकिन कमजोर वायरस होता है। कुछ परिस्थितियों में ऐसे वायरस की पहचान की जा सकती है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।'' मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार के साथ-साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के समन्वय से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक सर्वेक्षण के लिए प्रभावित और आसपास के 12 क्षेत्रों की पहचान की है, जहां लगभग 1.25 लाख लोग निवास करते हैं। डॉ. सचिन ने बताया कि पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों की घर-घर जाकर जांच करने के लिए 107 से अधिक स्वास्थ्य टीम को तैनात किया गया है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य किसी भी संभावित जोखिम की समय रहते पहचान करना और आवश्यक एहतियाती कदम उठाना है।