QR कोड वाली खौफनाक साजिश! Noida बवाल से पहले बने सीक्रेट WhatsApp ग्रुप, डिजिटल गद्दारों का पर्दाफाश करेगी STF

Edited By Anil Kapoor,Updated: 14 Apr, 2026 02:29 PM

noida news secret whatsapp groups formed before noida unrest

Noida News: उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ श्रमिकों का आंदोलन अब एक बड़ी डिजिटल साजिश के केंद्र में आ गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सोशल मीडिया सिंडिकेट, फर्जी बॉट हैंडल्स और विदेशी फंडिंग के एंगल...

Noida News: उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ श्रमिकों का आंदोलन अब एक बड़ी डिजिटल साजिश के केंद्र में आ गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सोशल मीडिया सिंडिकेट, फर्जी बॉट हैंडल्स और विदेशी फंडिंग के एंगल सामने आए हैं। इस बीच, स्थिति को काबू में करने के लिए यूपी सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है।

व्हाट्सएप सिंडिकेट और QR कोड वाली साजिश
गौतम बुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के मुताबिक, हिंसा से ठीक पहले एक सुनियोजित नेटवर्क सक्रिय हुआ था। बड़ी संख्या में नए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए, जिनमें QR कोड के जरिए श्रमिकों को जोड़ा गया। पुलिस को शक है कि इस तरीके का इस्तेमाल किसी बड़े संगठित सिंडिकेट ने भीड़ को इकट्ठा करने और भड़काने के लिए किया है।

यूपी एसटीएफ करेगी जांच
सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश फैलाने के आरोप में दो X (ट्विटर) हैंडल्स पर FIR दर्ज की गई है। साथ ही, 50 से ज्यादा बॉट हैंडल्स की पहचान हुई है, जो पिछले 24 घंटों में सिर्फ अफवाह फैलाने के लिए बनाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पूरी डिजिटल जांच उत्तर प्रदेश एसटीएफ (UP STF) को सौंप दी गई है।

300 हिरासत में, फंडिंग पर भी नजर
हिंसक प्रदर्शन और पथराव के मामले में अब तक 300 से ज्यादा उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है और 7 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि यदि इस हिंसा के पीछे देश या विदेश से किसी भी तरह की फंडिंग के सबूत मिलते हैं, तो आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह जैसी सख्त धाराओं में कार्रवाई होगी।

सरकार का बड़ा ऐलान: बढ़ गई सैलरी
श्रमिकों के गुस्से को शांत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम मजदूरी दरों में तत्काल प्रभाव से अंतरिम वृद्धि (Interim Hike) कर दी है। नए आदेश 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माने जाएंगे। अलग-अलग श्रेणियों में ₹3000 तक की बढ़ोतरी की गई है।सरकार अगले महीने एक वेज बोर्ड का गठन करेगी, जो स्थाई वेतन निर्धारण पर अपनी रिपोर्ट देगा।

₹20,000 वेतन की खबर झूठी
सरकार ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उस खबर का कड़ा खंडन किया है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि न्यूनतम वेतन ₹20,000 कर दिया गया है। शासन ने इसे पूरी तरह से मनगढ़ंत और फर्जी बताते हुए लोगों से आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है।

लखनऊ से हाई-लेवल मॉनिटरिंग
नोएडा के हालात पर लखनऊ से सीधी नजर रखी जा रही है। डीजीपी राजीव कृष्ण और एडीजी (L&O) अमिताभ यश पल-पल का अपडेट ले रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि श्रमिकों की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार होगा, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से ही हर्जाने की वसूली की जाएगी।

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