इलाज के साथ बचाव पर जोर देना समय की आवश्यकता: योगी

Edited By Ramkesh,Updated: 10 Apr, 2026 06:32 PM

emphasizing prevention along with treatment is the need of the hour yogi

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि देश को दीर्घकालिक रूप से स्वस्थ और उत्पादक बनाना है, तो चिकित्सा व्यवस्था को इलाज-केंद्रित मॉडल से आगे बढ़ाकर जन-जागरुकता और जीवनशैली में सुधार पर आधारित मॉडल की ओर ले जाना होगा।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि देश को दीर्घकालिक रूप से स्वस्थ और उत्पादक बनाना है, तो चिकित्सा व्यवस्था को इलाज-केंद्रित मॉडल से आगे बढ़ाकर जन-जागरुकता और जीवनशैली में सुधार पर आधारित मॉडल की ओर ले जाना होगा। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय में कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के सम्मेलन 'एनआईसी-2026' को संबोधित करते हुए यह बात कही। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर स्वास्थ्य अवसंरचना और किफायती उपचार के विस्तार पर काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर बीमारियों से पहले ही बचाव को प्राथमिकता देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

मजबूत उपचार व्यवस्था भविष्य की स्वास्थ्य सुरक्षा का आधार बनेगा
उनका कहना था कि मजबूत उपचार व्यवस्था और व्यापक बचाव अभियान का यह द्विस्तरीय दृष्टिकोण भविष्य की स्वास्थ्य सुरक्षा का आधार बनेगा और 'विकसित भारत' के लक्ष्य को साकार करने में सहायक होगा। मुख्यमंत्री ने गैर-संचारी रोगों (नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज) को समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण ये बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या स्वस्थ जीवन का आधार रही है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में बचाव और उपचार दोनों पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। 

गंभीर बीमारी पूरे परिवार के लिए आर्थिक संकट 
आदित्यनाथ ने कहा कि जागरुकता अभियानों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गंभीर बीमारी पूरे परिवार के लिए आर्थिक संकट बन जाती थी, क्योंकि न पर्याप्त स्वास्थ्य संस्थान थे और न ही विशेषज्ञों की उपलब्धता। लेकिन पिछले वर्षों में इस स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत देश के लगभग 55-60 करोड़ लोगों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा मिल रही है, जो दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य कवरेज योजनाओं में शामिल है।

प्रदेश में मेडिकल कॉलेज संख्या बढ़क हुई 81
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री राहत कोष से लगभग 1400 करोड़ रुपये उपचार के लिए उपलब्ध कराए गए, जो सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। आदित्यनाथ ने बताया कि एक दशक पहले उत्तर प्रदेश में केवल 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उनकी संख्या बढ़कर 81 हो गई है और दो एम्स भी संचालित हैं।

 चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक जन-जागरुकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों की अत्यधिक भीड़ एक बड़ी चुनौती है, जबकि निजी क्षेत्र में स्थितियां अपेक्षाकृत सहज हैं। उन्होंने बदलती जीवनशैली, विशेषकर स्मार्टफोन के अत्यधिक उपयोग और मधुमेह जैसी बीमारियों के बढ़ते प्रसार को भी चिंता का विषय बताया और कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक जन-जागरुकता जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रदेश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय है, जिसके साथ सभी मेडिकल कॉलेजों को संबद्ध किया गया है, जो चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है।

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