'SP के 25-26 सांसद टूटने को तैयार, TMC से भी बुरा होगा हाल', केशव मौर्य के दावे से UP की राजनीति में हलचल, 2027 से पहले सियासी पारा हाई

Edited By Purnima Singh,Updated: 17 Jun, 2026 06:38 PM

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उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच जारी राजनीतिक टकराव के बीच उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का एक बयान नई चर्चा का विषय बन गया है...

कानपुर : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच जारी राजनीतिक टकराव के बीच उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का एक बयान नई चर्चा का विषय बन गया है। कानपुर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान मौर्य ने न सिर्फ भाजपा की चुनावी संभावनाओं को लेकर बड़ा दावा किया, बल्कि समाजवादी पार्टी के कई सांसदों के संपर्क में होने की बात कहकर राजनीतिक गलियारों में हलचल भी बढ़ा दी।

'भाजपा की लगातार तीसरी सरकार बनेगी'
भाजपा दक्षिण द्वारा साकेत नगर स्थित मंदाकिनी होटल में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता विकास, सुशासन और बेहतर कानून व्यवस्था के कारण भाजपा के साथ खड़ी है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी और विपक्षी दलों के गठबंधन का भी कोई असर नहीं पड़ेगा। मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस चाहे अलग-अलग चुनाव लड़ें या साथ आएं, भाजपा रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल करेगी।

सपा पर निशाना, बोले- 'सैफई तक सिमट जाएगी पार्टी'
केशव मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि 2027 के बाद उसका राजनीतिक प्रभाव काफी सीमित हो जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सपा नेताओं को सैफई का चश्मा उतारकर कानपुर का चश्मा लगाना चाहिए, तभी उन्हें प्रदेश में हुए विकास कार्य दिखाई देंगे। उनके मुताबिक भाजपा सकारात्मक राजनीति और विकास के एजेंडे पर काम करती है, जबकि विपक्ष केवल भ्रम फैलाने में लगा है।

'सपा के 25-26 सांसद संपर्क में हैं'
कानपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के 25 से 26 सांसद भाजपा के संपर्क में हैं और वे पार्टी छोड़ने को तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा किसी दल को तोड़ने की राजनीति नहीं करती। उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक दलों में टूट हो रही है, उसमें भाजपा की कोई भूमिका नहीं है।

टीएमसी और शिवसेना की राजनीतिक हलचल का भी जिक्र
मौर्य का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश की राजनीति में दल-बदल और आंतरिक असंतोष को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी के भीतर असंतोष और शिवसेना के विभिन्न गुटों को लेकर भी राजनीतिक अटकलें सामने आई हैं। ऐसे माहौल में सपा के सांसदों को लेकर किया गया दावा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राम मंदिर और चढ़ावे के विवाद पर भी बोले
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्यों में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने चढ़ावे की राशि में कोई गड़बड़ी की होगी तो उसे उसके कर्मों का परिणाम अवश्य मिलेगा। भगवान राम के दरबार में हर व्यक्ति को अपने कर्मों का फल मिलता है।

बढ़ेंगी सपा की मुश्किलें या महज सियासी बयान?
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर है कि उपमुख्यमंत्री का यह दावा केवल सियासी दबाव बनाने की रणनीति है या इसके पीछे कोई वास्तविक राजनीतिक गतिविधि भी चल रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में शानदार प्रदर्शन करने वाली समाजवादी पार्टी के लिए ऐसे दावे निश्चित रूप से चर्चा का विषय बन सकते हैं। आने वाले दिनों में इस बयान पर सपा की प्रतिक्रिया और राजनीतिक घटनाक्रम पर सभी की नजर रहेगी।

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