'गायब हैं CCTV रिकॉर्ड...' राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अजय राय का बड़ा दावा, CM योगी से की फॉरेंसिक जांच की मांग

Edited By Anil Kapoor,Updated: 05 Jul, 2026 08:00 AM

ajay rai wrote a letter to cm yogi regarding the ram temple donations case

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय ने राज्‍य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में गंभीर वित्तीय अनियमितता की तह तक पहुंचने के लिए स्वतंत्र, वैज्ञानिक एवं सक्षम एजेंसियों के माध्यम से...

Lucknow News: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय ने राज्‍य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में गंभीर वित्तीय अनियमितता की तह तक पहुंचने के लिए स्वतंत्र, वैज्ञानिक एवं सक्षम एजेंसियों के माध्यम से फॉरेंसिक जांच कराए जाने की मांग की है। शनिवार को मुख्‍यमंत्री के नाम भेजे गए पत्र में राय ने लिखा कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों देशवासियों की आस्था का केन्द्र है। अयोध्या भगवान राम की जन्मस्थली है। लगभग 2 वर्ष पूर्व स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया और देश-विदेश के असंख्य श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और सहयोग से श्रीरामजन्मभूमि मंदिर का निमार्ण हुआ है। इसलिए इस मंदिर से सम्बन्धित प्रत्येक आर्थिक लेन-देन में पूर्ण पारदर्शिता बरतना तथा सार्वजनिक विश्वास को बनाये रखना अनिवार्य है।

SIT जांच और सबूतों पर अजय राय का बड़ा सवाल
उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राप्त चढ़ावे तथा पूर्व में श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई बहुमूल्य वस्तुओं के संबंध में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के पश्चात राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की अंतरिम जांच के उपरांत प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी हुई है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की उपलब्धता सीमित रही तथा पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने से जांच प्रभावित हुई। यदि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का संरक्षण समयबद्ध एवं विधिसम्मत रूप से नहीं किया गया, तो यह अपने आप में अत्यंत गंभीर प्रश्न है।

पुराने आरोपों की समग्र जांच की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष ने कहा कि इसके अलावा वर्ष 2021 में मंदिर एवं उसके आसपास के विकास कार्यों के लिए भूमि क्रय में कथित मूल्य वृद्धि और अनियमितताओं के संबंध में भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। राय ने कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेजों में यह प्रश्न उठाया गया कि कुछ भूमि अल्प समय के भीतर अत्यधिक बढ़े हुए मूल्य पर ट्रस्ट को बेची गई। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में भी कमीशनखोरी के आरोप सामने आये जिनकी स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की गई थी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई और आज मंदिर की वित्तीय व्यवस्था पर पुनः गंभीर प्रश्न उठे हैं। उन्होंने कहा कि अब उन आरोपों की समग्र जांच आवश्यक प्रतीत होती है।

अखिलेश के आरोपों से शुरू हुआ था विवाद
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे में चोरी का विवाद तब शुरू हुआ था जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 7 जून को राम मंदिर को प्राप्त दान में गबन का आरोप लगाया था। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 13 जून को गठित एक विशेष जांच दल (SIT) ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी जिसके बाद 25 जून को एक प्राथमिकी दर्ज की गई और 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में ट्रस्ट की सोमवार को एक बैठक भी बुलाई गई है जिसमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और न्‍यासी अनिल मिश्र के त्यागपत्र पर विचार किया जाएगा।

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