CM त्रिवेंद्र ने भराड़ीसैंण विधानसभा में पेश किया 57 हजार 400 करोड़ रुपए का बजट

Edited By Ramanjot,Updated: 04 Mar, 2021 06:12 PM

cm trivendra presented a budget of 57 thousand crore in bharadisainan assembly

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश कर दिया। प्रदेश सरकार की ओर से करीब 57 हजार 400 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया है। इस मौके पर सीएम रावत ने कहा इस बजट में रोजगार सृजन पर जोर...

देहरादूनः उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश कर दिया। प्रदेश सरकार की ओर से करीब 57 हजार 400 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया है। इस दौरान सीएम रावत ने सबसे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर सभी को शुभकामनाएं दी।

वित्तीय वर्ष 2021- 22 के लिए कुल 57400.32  करोड़ का अनुमानित व्यय के रूप में बजट पेश किया गया है, जबकि इस वित्तीय वर्ष में 57024.22 करोड़ की कुल प्राप्तियां अनुमानित है। राजस्व प्राप्तियों के रूप में 44151.24 करोड़ राजस्व आय अनुमानित है। वहीं 20195.43 करोड़ के रूप में कर राजस्व अनुमानित है। करेत्तर राजस्व के अंतर्गत 23955.81 करोड़ का अनुमान है। व्यय बजट के तहत 44036.31 करोड़ राजस्व लेखे का व्यय व 13364.01 करोड़ पूंजी लेखे का व्यय अनुमानित है। बजट में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के संचालन के लिए 150 करोड़ का प्रावधान है। चिकित्सा एवं परिवार कल्याण हेतु 3319 करोड़ 63 लाख रुपए का प्रावधान है।

इस वित्तीय वर्ष में वेतन भत्ता पर करीब 16422.51 करोड़ व्यय का प्रावधान किया गया है। पेंशन व अन्य सेवानिवृत्त लाभों के रूप में 6400.19 करोड़ व्यय का अनुमान है। ब्याज भुगतान के रूप में 6052.63 करोड़ व्यय अनुमानित है, जबकि ऋणों के भुगतान के रूप में 4241.57 करोड़ का अनुमान दर्शाया गया है। राजकोषीय घाटे के रूप में 8984.53 करोड़ अंकित की गई है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत आय-व्यय में कुल 153 करोड़ सात लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं, समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत 1154 करोड़ 62 लाख रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है।

भराड़ीसैंण विधानसभा में बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के कुशल वित्तीय प्रबंधन का ही परिणाम है कि उत्तराखंड राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार जहां 2017-18 में 2 लाख 19 हजार 954 करोड़ रुपए था उससे बढ़कर वर्ष 2019-20 में 2 लाख 53 हजार 666 करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत की हैं। यह डबल इंजन का ही परिणाम है। इसके आगे त्रिवेंद्र रावत कहा कि 4 साल में लंबित योजनाओं को पूरा किया गया। चमोली आपदा में तुरंत एक्शन लिया। इसके अलावा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में ऊधमसिंह नगर को देश के सर्वोच्‍च दस जिलों में चयनित किया गया है।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!