Edited By Anil Kapoor,Updated: 14 Aug, 2026 02:23 PM

उच्चतम न्यायालय ने विनायक दामोदर सावरकर के खिलाफ टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरुद्ध दायर आपराधिक मानहानि की शिकायत और अधीनस्थ अदालत द्वारा जारी समन शुक्रवार को रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की...
Lucknow News: उच्चतम न्यायालय ने विनायक दामोदर सावरकर के खिलाफ टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरुद्ध दायर आपराधिक मानहानि की शिकायत और अधीनस्थ अदालत द्वारा जारी समन शुक्रवार को रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने कहा कि मामले में आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई थी। पीठ ने कहा कि अपर सॉलिसिटर जनरल और शिकायतकर्ता के वकील ने उत्तर प्रदेश की ओर से दाखिल हलफनामे के संदर्भ में कहा कि इसमें मंजूरी का कोई उल्लेख नहीं है। इसे देखते हुए शिकायत और मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश रद्द किए जाते हैं। मानहानि का यह मामला 17 नवंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला जिले में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान आयोजित एक रैली में सावरकर को लेकर गांधी की टिप्पणियों से जुड़ा है।
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उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 4 अप्रैल 2025 को कहा था कि गांधी सत्र अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल कर सकते हैं, इसलिए इस स्तर पर उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने मामले में उनके खिलाफ जारी कार्यवाही को चुनौती देते हुए उन्हें समन जारी करने के अधीनस्थ अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। अधिवक्ता नृपेंद्र पांडे ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि गांधी ने रैली के दौरान सावरकर का जानबूझकर अपमान किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि गांधी की टिप्पणियां सावरकर को बदनाम करने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थीं।