Edited By Ramkesh,Updated: 19 Jul, 2026 08:26 PM

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोगों से उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई रोकने में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने रविवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)...
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोगों से उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई रोकने में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने रविवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के कारण इस संस्थान को निशाना बना रही है। अखिलेश यादव की यह टिप्पणी रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को गिराने के आदेश के कुछ दिन बाद आई है। प्राधिकरण का कहना है कि इन इमारतों का निर्माण बिना अनुमति के किया गया था।
वहीं, विश्वविद्यालय ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए कहा है कि जब ये निर्माण हुए थे, तब यह क्षेत्र प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता था। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में छात्रों, अभिभावकों और देशवासियों से विश्वविद्यालय को बचाने के प्रयासों का समर्थन करने की अपील की और इसे 'शिक्षा का मंदिर' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी 'संकीर्ण राजनीति' का शिकार विश्वविद्यालय को बना रही है और हजारों छात्रों तथा उनके अभिभावकों के सपनों को 'बुलडोजर से कुचलने' का प्रयास कर रही है।
यादव ने कहा कि यदि दस्तावेजों में कोई कमी है तो उसे दूर किया जाना चाहिए, न कि विश्वविद्यालय को ध्वस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आर्थिक रूप से कमजोर उन वर्गों के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराता है, जो महंगे निजी विश्वविद्यालयों या विदेशों में पढ़ाई का खर्च वहन नहीं कर सकते। सपा प्रमुख ने सवाल किया कि क्या भाजपा 'युवा विरोधी' हो गई है और आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई छात्रों के भविष्य की चिंता के बजाय उसके 'अहंकार' को दर्शाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा 'शिक्षा विरोधी' है, क्योंकि शिक्षित लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होते हैं और अन्याय के खिलाफ सवाल उठाते हैं। यादव ने दावा किया कि जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई समाज के सभी वर्गों के छात्रों के विरुद्ध एक 'बड़ी साजिश' का हिस्सा है और सत्तारूढ़ दल राजनीतिक प्रतिशोध की नीति अपना रहा है। एक अन्य पोस्ट में यादव ने इस वर्ष जून में आवास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद द्वारा जारी कथित आदेश की प्रति साझा की इस आदेश में जिला पंचायतों से स्वीकृत नक्शों के आधार पर विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में बने भवनों को एक बार नियमित करने का अवसर देने का प्रावधान बताया गया है।
आदेश में नियमितीकरण के लिए एक अप्रैल, 2026 को कटऑफ तारीख निर्धारित किए जाने और इसके लिए 12 महीने की अवधि दिए जाने का उल्लेख है। इसमें कहा गया है कि मास्टर प्लान और मौजूदा भवन उपनियमों के अनुरूप या सत्यापन के बाद नियमित किए जा सकने वाले भवनों को वैध माना जाएगा। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि भाजपा सरकार 'प्रतिशोध की राजनीति' छोड़ दे तो वह एक दिन में जौहर विश्वविद्यालय के नक्शे को मंजूरी दे सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इसी आदेश के आधार पर हजारों भवनों को नियमित किया है, लेकिन विश्वविद्यालय को ऐसी राहत देने से इनकार कर रही है, जिससे छात्रों और उनके परिवारों के साथ अन्याय हो रहा है। यादव ने कहा, ''भाजपा बहाना न बनाए, शिक्षा के मंदिर को बचाए! विद्वेष हारेगा, सौहार्द जीतेगा!'पक्षपात' अन्याय का सबसे प्रत्यक्ष रूप होता है।