Edited By Anil Kapoor,Updated: 26 Jul, 2026 01:06 PM

दिल्ली से सटे गाजियाबाद का रहने वाला और अक्सर विवादों से नाता रखने वाला सत्यम पंडित एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार उसने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के समर्थन में जा रहे 2 युवकों को रास्ते में रोककर उनके साथ बदसलूकी की और कार में...
Ghaziabad News: दिल्ली से सटे गाजियाबाद का रहने वाला और अक्सर विवादों से नाता रखने वाला सत्यम पंडित एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार उसने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के समर्थन में जा रहे 2 युवकों को रास्ते में रोककर उनके साथ बदसलूकी की और कार में बैठे-बैठे ही थप्पड़ जड़ दिए। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
हैरानी की बात यह है कि सत्यम पंडित ने इस गुंडागर्दी का वीडियो खुद अपने फेसबुक अकाउंट पर अपलोड किया। उसने वीडियो के साथ लिखा कि जंतर-मंतर जाकर कुछ कॉकरोच का इलाज करा, जो कहते हैं करके दिखाते हैं। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कार की अगली सीट पर बैठा सत्यम पहले तो छात्रों से उनका नाम पूछता है, फिर धर्म सूचक बातें बोलते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है और अचानक हाथ निकालकर थप्पड़ बरसाने लगता है। पीड़ित छात्र खुद को शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थक बताते रहे, लेकिन आरोपी ने उनकी एक न सुनी।
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गाजियाबाद निवासी सत्यम पंडित सोशल मीडिया पर खुद को हिंदू वीर सेना का अध्यक्ष बताता है। हालांकि, उसके विवादों में रहने का यह कोई नया मामला नहीं है। अगस्त 2024 में रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी करने के मामले में पुलिस उसे गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, फरवरी 2026 में मंगलवार के दिन जबरन मीट दुकानें बंद कराने और विक्रेताओं के साथ मारपीट करने के आरोप में भी उस पर कानूनी शिकंजा कसा गया था।
इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने एक्स (ट्विटर) हैंडल पर वीडियो शेयर करते हुए आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा कि सत्ताधारी दल और उनके संगी-साथियों की हिंसा को पूरा देश देख रहा है। उन्होंने युवाओं से किए गए वादों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए तंज कसा कि भरोसे का विलोम ही भाजपा है।
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फिलहाल, विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती। पुलिस वीडियो का संज्ञान लेकर जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।