Edited By Purnima Singh,Updated: 09 Jun, 2026 05:00 PM

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि जिनके मन में देश के प्रति आस्था व निष्ठा नहीं है और जो यहां के संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, उनके लिए भारत की धरती 'धर्मशाला' नहीं हो सकती ...
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि जिनके मन में देश के प्रति आस्था व निष्ठा नहीं है और जो यहां के संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, उनके लिए भारत की धरती 'धर्मशाला' नहीं हो सकती। मुख्यमंत्री ने 'लव जिहाद', धर्मांतरण की साजिशों और 'लैंड जिहाद' को लेकर चेतावनी दी। योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान राम के आदर्श उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक देश को एकजुट करते हैं। इस श्री राम कथा का वाचन तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा किया गया।
उन्होंने कहा, ''तोड़ने वाली ताकतें जाति, भाषा, क्षेत्र के नाम पर विभाजित करने की चेष्टा करेंगी, लेकिन भारत की संत शक्ति समाज को एकजुट कर देश को आगे ले जाना चाहती हैं। व्यासपीठ द्वारा जिस मर्म को समझाने का प्रयास किया गया, हमें उसे आत्मसात करना होगा। कथा केवल सुनने की नहीं, बल्कि अंगीकार करने की महत्वपूर्ण कड़ी का हिस्सा है।''
योगी ने श्रद्धालुओं से कहा कि जो भी प्रभु के सान्निध्य में आया, वह दैवीय आपदा से मुक्त रहता है। उन्होंने कामना की कि हर श्रद्धालु का जीवन सुख व समृद्ध के साथ बढ़ता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को जन्म-मरण का प्रश्न बनाया था। संत इसका श्रेय नहीं चाहते थे, वे सिर्फ इसलिए अभियान से जुड़े क्योंकि भारतीय परंपरा, विरासत में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम सभी के आदर्श हैं और राम नाम में जीवन की हर समस्या का समाधान है।