स्वास्थ्य मंत्री ने खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग व टेस्टिंग बढ़ाने के दिए निर्देश, बोले- मिलावट के खिलाफ चलेगा अभियान

Edited By Nitika,Updated: 31 Jul, 2022 11:51 AM

health minister gave instructions to increase testing of food items

उत्तराखंड में खाद्य तेलों में मिलावट के खिलाफ खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अंतर्गत पैन इंडिया कार्यक्रम के तहत संचालित किया जाएगा, जिसकी...

 

देहरादून(कुलदीप रावत): उत्तराखंड में खाद्य तेलों में मिलावट के खिलाफ खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अंतर्गत पैन इंडिया कार्यक्रम के तहत संचालित किया जाएगा, जिसकी शुरुआत प्रदेशभर में आगामी एक अगस्त से की जाएगी।

एक पखवाड़े तक संचालित इस अभियान के तहत राज्यभर से खाद्य तेलों के नमूने एकत्रित किए जाएंगे, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। विभागीय जांच के उपरान्त इकट्ठा किए गए खाद्य तेल के सैंपल रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावटखोरी को देखते हुए विभागीय अधिकारियों को सूबे में खाद्य पदार्थों की सैपलिंग एवं टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दे दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि खाद्य तेलों में मिलावटखोरी रोकने के उद्देश्य से भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा संचालित पैन इण्डिया कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा।

डॉ. रावत ने बताया कि आगामी एक अगस्त से इस विशेष अभियान की शुरूआत की जाएगी, जिसे प्रदेशभर में पखवाड़े भर संचालित किया जाएगा, जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेशव्यापी इस अभियान के अंतर्गत स्थानीय एवं ब्रांडेड खाद्य तेलों के नमूनों को एकत्रित किया जाएगा, जिसके बाद विभाग द्वारा इकट्ठा किए गए खाद्य तेल के नमूनों की जांच की जाएगी। डॉ. रावत ने बताया कि जांच में आर्जिमोन ऑयल, मिनरल ऑयल के अलावा खाद्य तेलों के लिए निर्धारित मानकों का गहन विश्लेषण किया जाएगा, इसके साथ ही खाद्य तेल में इस्तेमाल ट्रांस फैट की मात्रा की भी जांच की जाएगी।

वहीं डॉ. रावत ने बताया जांच के लिए एकत्रित खाद्य तेल के नमूनों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी ताकि लोगों को पता चल सके कि जिस तेल का इस्तेमाल वह अपने आहार में कर रहे हैं, वह कितना शुद्ध और सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी रोकने के लिए विभागीय अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग एवं टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही शुद्ध, सुरक्षित एवं पौष्टिक आहार के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अधिकारियों को समय-समय पर जन जागरूकता अभियान संचालित करने को कहा गया है। खाद्य तेल के बार-बार प्रयोग में लाने से होने वाले खतरों के प्रति भी लोगों को सचेत करने को कहा गया है। डॉ. रावत ने कहा खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी के खिलाफ सघन अभियान चलाए जाएंगे।
 

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