उत्तराखंड में व्यास, दारमा, चौदास घाटी में खाद्यान्न संकट, टीकाकरण प्रभावित

Edited By Nitika,Updated: 14 Sep, 2021 12:53 PM

food crisis in vyas darma chaudas valley

उत्तराखंड में चीन की सीमा से सटे व्यास, दारमा तथा चौदास घाटी में सड़कों के बंद होने से जहां खाद्यान्न का संकट उत्पन्न होने लगा है, वहीं कोरोना वायरस को लेकर शुरू किए टीकाकरण (वैक्सीनेशन) अभियान पर भी असर पड़ने लगा है।

 

नैनीतालः उत्तराखंड में चीन की सीमा से सटे व्यास, दारमा तथा चौदास घाटी में सड़कों के बंद होने से जहां खाद्यान्न का संकट उत्पन्न होने लगा है, वहीं कोरोना वायरस को लेकर शुरू किए टीकाकरण (वैक्सीनेशन) अभियान पर भी असर पड़ने लगा है।

जिला प्रशासन ने खाद्यान्न संकट दूर करने और टीका (वैक्सीन) उपलब्ध करवाने के प्रयास तेज कर दिए हैं और इसके लिए हेली सेवा का सहारा लिया जा रहा है। पिथौरागढ़ जनपद के उच्च हिमालयी क्षेत्र में चीन की सीमा से सटे व्यास, चौदास तथा दारमा घाटी में लगभग 33 गांव बसे हुए हैं। अतिवृष्टि के चलते लगभग डेढ़ महीने से तीनों घाटियों से मुख्य शहरों से संपर्क टूटा हुआ है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन घाटियों को जोड़ने वाले तवाघाट-कंचौती-दर-सोबला-तिदांग, कंचौती-नारायण आश्रम तथा तवाघाट-लिपूलेख मोटर मार्ग बंद हैं। मुख्य संपर्क मार्ग बंद होने से यहां लोगों की जहां आवाजाही ठप है, वहीं यहां के गांवों का जनपद मुख्यालय से भी संपर्क टूटा हुआ है। मुख्य सड़कें जगह-जगह बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। यहां तक कि पुलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे ग्रामीणों के पास खाद्यान्न तथा रोजमर्रा का सामान नहीं पहुंच पा रहा है। बताया जा रहा है कि सरकारी गोदामों में मौजूद खाद्यान्न की भी कमी होने लगी है। इसके अलावा सुदूरवर्ती इन गांवों में कोरोना के खिलाफ चल रही जंग पर भी असर पड़ रहा है और टीका उपलब्ध न हो पाने के कारण इस अभियान पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी (डीएम) आशीष चौहान ने इन गांवों की कमान अपने हाथ में ले ली है। उन्होंने सोमवार को हेलीकॉप्टर से धारचूला तहसील की दारमा घाटी का स्वयं दौरा किया और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को सड़कों को खोलने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने दारमा घाटी को जोड़ने वाले सेला से नागलिंग सम्पर्क मार्ग का हवाई सर्वेक्षण भी किया। उन्होंने उच्च हिमालयी क्षेत्र में बसे दुग्तु गांव के लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। लोगों ने उन्हें खाद्यान्न संकट के अलावा स्वास्थ्य सुविधा का अभाव बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौहान ने एफसीआई के अधिकारी पुष्कर बोनाल के भी दुग्तु में तैनाती के निर्देश दिए हैं।

चौहान ने सरकारी गोदाम में मौजूद खाद्यान्न को ग्रामीणों में वितरित करने के निर्देश भी दिए हैं और साथ ही धारचूला के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अनिल कुमार शुक्ला को शीघ्र खाद्यान्न संकट दूूर करने को कहा है। उन्होंने हेली सेवा के माध्यम से स्वयं दारमा घाटी के गांवों के लिए वैक्सीन उपलब्ध करवाई, वहीं सीपू व चल के लिए रोजमर्रा की क्रमश: 300 तथा 200 किलोग्राम खाद्य सामग्री भेजी।
 

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