Edited By Ramkesh,Updated: 15 Apr, 2026 05:15 PM

जिले से सटे चित्रकूट जिले के पहाड़ी क्षेत्र में कथित रूप से अपने साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किये जाने से दुखी 17 साल की एक दलित किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
बांदा: जिले से सटे चित्रकूट जिले के पहाड़ी क्षेत्र में कथित रूप से अपने साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किये जाने से दुखी 17 साल की एक दलित किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
घर में फंदा लगाकर दी जान
चित्रकूट जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अरुण कुमार सिंह ने बुधवार को बताया कि पहाड़ी थानाक्षेत्र के एक गांव में मंगलवार को अपने घर में अनुसूचित जाति की 17 साल की एक लड़की ने फांसी लगा ली है और उसके परिजन पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया है कि होली के दिन किशोरी की मां ने उसकी बेटी को जबरन रंग लगाये जाने की मौखिक शिकायत कर कानूनी कार्यवाही न करने की बात कही थी और इस संबंध में दो पन्नों में लिखकर भी दिया था। सिंह ने बताया कि इसके साथ ही लड़की के माता-पिता ने इस मामले में 'कार्यवाही नहीं चाहने' के वीडियो बयान भी दर्ज करवाए थे, जो पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज हैं।
गांव के ही तीन नाबालिग पर पुलिस ने दर्ज किया केस
एसपी ने बताया कि किशोरी के आत्महत्या करने के बाद परिजन की तहरीर पर गांव के तीन नाबालिग लड़कों के खिलाफ सुसंगत कानूनी धाराओं में मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जांच में यदि पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
दलित किशोरी के साथ होली के दिन हुई थी घटना
चित्रकूट सदर क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक अनिल प्रधान ने पीड़ित परिवार से भेंट करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि दलित किशोरी के साथ होली के दिन हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना को पुलिस ने छुपाने का काम किया है, जिससे क्षुब्ध होकर उसने आत्महत्या की है। उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद और कानूनी संरक्षण दिए जाने तथा कथित लापरवाही के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की भी मांग की है।