वाराणसी: जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों को मिला स्मार्ट क्लास का तोहफा, अब बच्चों में सीखने की क्षमता में होगा गुणात्मक विकास

Edited By Mamta Yadav, Updated: 12 May, 2022 08:37 PM

varanasi students of jawahar navodaya vidyalaya got the gift of smart class

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय को स्माटर् स्कूल स्मार्ट क्लास अभियान से जोड़ने की गुरुवार को शुरुआत की गयी। इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र की अग्रणी कंपनी सैमसंग इंडिया की पहल पर शुरु किये गये स्मार्ट स्कूल का आगाज वाराणसी जवाहर नवोदय...

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय को स्माटर् स्कूल स्मार्ट क्लास अभियान से जोड़ने की गुरुवार को शुरुआत की गयी। इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र की अग्रणी कंपनी सैमसंग इंडिया की पहल पर शुरु किये गये स्मार्ट स्कूल का आगाज वाराणसी जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) से किया गया। इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को ‘डिजिटल लर्निंग' के अवसर प्रदान किये जायेंगे। इससे बच्चों में सीखने की क्षमता में गुणात्मक विकास होगा। इतना ही नहीं इस अभियान के तहत बच्चों को पढ़ाने के तरीकों को उन्नत करने के लिये शिक्षकों को खास प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।       

सैमसंग स्मार्ट स्कूल अभियान की शुरुआत वाराणसी जेएनवी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वाराणसी के जिलाधिकारी और जेएनवी के पूर्व छात्र कौशल राज शर्मा ने की। इस अवसर पर नवोदय विद्यालय समिति के वाराणसी क्षेत्र के के उपायुक्त एस के महेश्वरी, सैमसंग इंडिया के उप प्रबंध निदेशक पीटर री, सैमसंग इंडिया के कॉरपोरेट सिटिजनशिप उपाध्यक्ष पार्थो घोष और वाराणसी जेएनवी के प्रधानाचार्य पी के सिंह भी मौजूद थे।       

घोष ने बताया कि स्मार्ट स्कूल कार्यक्रम का लक्ष्य भारत में छात्रों को संसाधनों के अभाव में डिजिटल शिक्षा से वंचित होने से बचाना है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद ‘टुगेदर फॉर टुमॉरो, इनेबलिंग पीपुल' (भविष्य के लिए साझेदारी और लोगों का सशक्तीकरण) द्दष्टिकोंण के साथ भविष्य के लिए युवा नेतृत्व तैयार करना है। इस अभियान के तहत जेएनवी वाराणसी के छात्र सैमसंग द्वारा स्कूल में स्थापित दो स्माटर् क्लासरूम में डिजिटल शिक्षण के आधुनिकतम बुनियादी ढांचे का लाभ उठा सकेंगे। स्मार्ट क्लास में पारंपरिक ब्लैकबोर्ड की जगह 85-इंच का फ्लिप इंटरैक्टिव डिजिटल बोर्ड होगा, जो छात्रों के लिए पढ़ाई के माहौल को रोचक और मजेदार बना देगा। छात्र 55-इंच के दूसरे फ्लिप का उपयोग लेक्चर, प्रश्नोत्तरी, क्लास वर्क और प्रोजेक्ट वर्क में हिस्सा लेने के लिए कर सकेंगे। साथ ही स्वाध्याय के लिए हर कक्षा में मौजूद 40 गैलेक्सी टैब का इस्तेमाल भी कर सकेंगे। इसके अलावा स्मा क्लास में एक प्रिंटर, एक सर्वर कंप्यूटर, एक टैबलेट चार्जिंग स्टेशन, और पावर बैकअप भी होगा।       

इस अवसर पर वाराणसी जेएनवी के प्राचार्य पी के सिंह ने कहा, ‘‘जिले के दूर-दराज के इलाकों में छात्रों को डिजिटल शिक्षण में समर्थ बनाने के लिए सैमसंग द्वारा किए गए प्रयास प्रशंसनीय हैं। सैमसंग स्माटर् स्कूल और इस कार्यक्रम का सुद्दढ़ शिक्षक प्रशिक्षण हिस्सा पहले से ही छात्रों के लिए शिक्षण प्रक्रियाओं को बेहतर करने में मददगार साबित हो रहा है। भविष्य में ये डिजिटल खाई को पाटने में बहुत उपयोगी साबित होंगे।'' घोष ने कहा, ‘‘सैमसंग स्मार्ट स्कूल अभियान भारत के विकास पर आधारित एजेंडे के साथ करीब से जुड़ी हुई है और हम इसे सरकार के साथ बेहद करीबी साझेदारी में कार्यान्वित कर रहे हैं। ताकि, यह सुनिश्चित किया जा सके कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को डिजिटल शिक्षा के फायदों तक पहुंच मिल सके।''

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