रामगोपाल यादव का दावा- निष्पक्ष चुनाव हुआ तो UP में BJP 50 सीटें भी नहीं जीत पाएगी

Edited By Ramkesh,Updated: 21 Sep, 2026 07:29 PM

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समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने सोमवार को दावा किया कि यदि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव निष्पक्ष तरीके से हुआ तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 50 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।

इटावा: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने सोमवार को दावा किया कि यदि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव निष्पक्ष तरीके से हुआ तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 50 सीटें भी नहीं जीत पाएगी। प्रो. यादव ने सैफई स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले चुनावों में स्पष्ट रूप से धांधली हुई है, इसलिए जनता सवाल उठा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आयोग निष्पक्ष रहा तो निष्पक्ष चुनाव संभव है। उन्होंने कहा कि जनता ने आगामी चुनाव अपने हाथ में ले लिया है और समाजवादी पार्टी को सत्ता में पहुंचाने का मन बना लिया है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए मकान गिराने, गोली चलाने और लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने जैसे आरोप लगाए। 

उन्होंने कहा कि जो सबसे अधिक एनकाउंटर कर दे, उसे ही अच्छा पुलिस अधीक्षक माना जाता है। उन्होंने सरकार पर अन्याय और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि जब पाप का घड़ा भर जाता है तो उसका अंत हो जाता है। समान नागरिक संहिता के सवाल पर उन्होंने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां इसे लागू किया गया है, लेकिन इससे क्या हासिल हुआ। उन्होंने कहा कि अलग-अलग धर्मों की अपनी परंपराएं और तौर-तरीके हैं, ऐसे में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर सवाल उठते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभाओं को लेकर उन्होंने दावा किया कि इनमें आम जनता नहीं आती और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सरकारी शिक्षकों तथा आशा कार्यकर्ताओं को बुलाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को पैसे देकर भी सभाओं में लाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रमों को लेकर यादव ने दावा किया कि सरकारी आदेशों के बावजूद आम लोगों ने दिए नहीं जलाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का जन्मदिन आयोजन सरकारी कार्यक्रम तक सीमित होकर रह गया है। 

केंद्र सरकार की ओर से लाए जा रहे कानूनों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इनसे जनता को लाभ नहीं हो रहा है और लोग लगातार परेशानी में फंसते जा रहे हैं। यूपीआई भुगतान को लेकर यादव ने दावा किया कि इस पर कर लगाए जाने से कंपनियों को लाभ होगा और यह पैसा सरकार के पास नहीं जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी कंपनियां भाजपा को चंदा देंगी और इसका इस्तेमाल चुनाव में किया जाएगा। हालांकि, उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार सामान्य नागरिक यूपीआई लेनदेन मुफ्त हैं और सीमित कारोबारी लेनदेन पर भविष्य में नाममात्र एमडीआर लगाए जाने की चर्चा हुई है। डिजिटल मुद्रा का जिक्र करते हुए यादव ने मंगोलिया और एक अन्य देश का उदाहरण दिया और कहा कि डिजिटल मुद्रा के प्रयोग के बावजूद वहां की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के हित में कानून नहीं बनाए जा रहे हैं और लोगों की जेब पर बोझ बढ़ाया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सत्ता में रही तो पांच-दस साल बाद चुनाव भी नहीं कराए जाएंगे। उन्होंने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। जेन-जी आंदोलन का जिक्र करते हुए यादव ने दावा किया कि सरकार इस आंदोलन से डर गई और इसी वजह से तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ। धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। प्रो यादव ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि प्रदेश में एआई के माध्यम से झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा समाजवादी पाटर्ी के खिलाफ जितना दुष्प्रचार करेगी, उतना ही सपा के जनमत में इजाफा होगा। रामगोपाल यादव ने दावा किया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत पाटर्ी के सभी छोटे-बड़े नेता चुनाव प्रचार के लिए तेजी से जमीन पर उतर रहे हैं और पाटर्ी के पक्ष में व्यापक जनादेश का माहौल बन रहा है।
 

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