संभल में 50 साल पुरानी मजार और कब्रों पर चला बुलडोजर, साढ़े 6 बीघा सरकारी जमीन पर था अवैध कब्जा

Edited By Purnima Singh,Updated: 21 Jun, 2026 10:26 AM

bulldozer used on a 50 year old shrine and graves

उत्तर प्रदेश के संभल जिले की गुन्नौर तहसील में प्रशासन ने सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ शनिवार को कार्रवाई करते हुए रजपुरा थाना क्षेत्र के इकौना गांव में स्थित बाबा सलाहउद्दीन ढाक वाले पीर बाबा की मजार और कई कब्रों को बुलडोजर से ध्वस्त कर...

संभल : उत्तर प्रदेश के संभल जिले की गुन्नौर तहसील में प्रशासन ने सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ शनिवार को कार्रवाई करते हुए रजपुरा थाना क्षेत्र के इकौना गांव में स्थित बाबा सलाहउद्दीन ढाक वाले पीर बाबा की मजार और कई कब्रों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। 

गुन्नौर के तहसीलदार रवि सोनकर ने बताया कि संबंधित भूमि लगभग साढ़े छह बीघा क्षेत्रफल की सार्वजनिक आरक्षित श्रेणी (ढाका भूमि) में दर्ज है। इस भूमि पर अस्थायी निर्माण, नींव, मजार और कब्रें बनाकर अतिक्रमण किया गया था। उन्होंने कहा, ''कब्जाधारियों को पहले ही नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यह भूमि तीन गाटा संख्याओं में फैली हुई है। इसके एक हिस्से पर अतिक्रमण था, जिसे आज हटा दिया गया।'' 

मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों के अनुसार, बाबा सलाहउद्दीन ढाक वाले पीर बाबा की मजार लगभग 50 वर्ष पुरानी थी। इसके अलावा, इरशाद हुसैन की कब्र करीब 150 वर्ष पुरानी, अनवरी बेगम की कब्र वर्ष 2019 की, चौधरी सलार बख्श की कब्र वर्ष 1995 की तथा चौधरी पीर बख्श की कब्र लगभग 45 वर्ष पुरानी बताई जाती है। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक आरक्षित श्रेणी की भूमि पर किसी भी प्रकार का स्थायी या अस्थायी निर्माण अवैध है। अधिकारियों के अनुसार, पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था सामान्य बनी रही। 

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