योगी मंत्रिमंडल विस्तार: सपा के बागी विधायक मनोज पांडेय सहित 6 को मिली योगी मंत्रिमंडल में जगह, देखें लिस्ट

Edited By Ramkesh,Updated: 10 May, 2026 05:14 PM

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित जन भवन में रविवार को योगी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। इस दौरान कुल आठ नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, जिनमें दो राज्य मंत्रियों के कद में भी इज़ाफ़ा किया गया जबकि दो मंत्रियों को राज्य मंत्री (स्वतंत्र...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित जन भवन में रविवार को योगी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। इस दौरान कुल आठ नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, जिनमें दो राज्य मंत्रियों के कद में भी इज़ाफ़ा किया गया जबकि दो मंत्रियों को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर शपथ दिलायी गयी। मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के साथ-साथ 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कई अहम चेहरों को जगह दी गई है।

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भूपेंद्र चौधरी को मिली मिली योगी मंत्रिमंडल में जगह
भूपेंद्र सिंह चौधरी भी योगी मंत्रिमंडल में जगह पाने में कामयाब रहे हैं । भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जाट नेताओं में शामिल भूपेंद्र चौधरी मुरादाबाद के रहने वाले हैं। वह लंबे समय तक संघ और भाजपा संगठन में सक्रिय रहे। चौधरी वर्ष 2016 में पहली बार विधान परिषद सदस्य बने। 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्हें पंचायती राज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया और 2019 में कैबिनेट मंत्री, पंचायती राज की जिम्मेदारी मिली। 

 

सपा से विधाय रहे मनोज कुमार पांडेय बनाए गए मंत्री 
मनोज कुमार पांडेय रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा सीट से विधायक हैं। इन्होंने भी मंत्री पद की शपथ ली है । वह 2012-17 में समाजवादी पार्टी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। पांडेय 2022 में सपा के टिकट पर विधायक चुने गए और विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक भी रहे। मनोज पांडेय अवध और पूर्वांचल क्षेत्र में भाजपा के लिए बड़े ब्राह्मण चेहरे के तौर पर देखे जा रहे हैं।

हंसराज विश्वकर्मा ने भी ली मंत्री पद की शपथ 
 कैलाश सिंह राजपूत को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। कन्नौज की तिर्वा विधानसभा सीट से विधायक कैलाश सिंह राजपूत ने 1996 में पहली बार भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। बाद में 2007 में बसपा के टिकट पर चुनाव जीते। 2017 में वह फिर भाजपा में लौटे और लगातार दो बार विधानसभा पहुंचे। हंसराज विश्वकर्मा ने भी मंत्री पद की शपथ ली है । भाजपा के एमएलसी और पिछड़ा वर्ग की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले हंसराज विश्वकर्मा पिछले 34 वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं।        उन्होंने 1989 में बूथ स्तर से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था और राम मंदिर आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। वाराणसी में 2019 लोकसभा और 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है।  

कृष्णा पासवान को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली
सुरेंद्र दिलेर को मंत्री बनाया गया है। अलीगढ़ जिले की खैर विधानसभा सीट से विधायक सुरेंद्र दिलेर भाजपा के प्रमुख दलित युवा नेताओं में गिने जाते हैं। वह पूर्व भाजपा सांसद राजवीर सिंह दिलेर के पुत्र हैं। उनके परिवार का लंबे समय से सक्रिय राजनीतिक प्रभाव रहा है। कृष्णा पासवान को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली। फतेहपुर जिले की खागा विधानसभा सीट से विधायक कृष्णा पासवान ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। वह चार बार विधायक और दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं तथा भाजपा का प्रमुख दलित महिला चेहरा मानी जाती हैं।

सोमेंद्र तोमर का बढ़ा कद 
सोमेंद्र तोमर मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक और ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत राज्य मंत्री हैं, उनका कद सरकार में बढ़ाया गया है। अजीतपाल सिंह कानपुर देहात की सिकंदरा विधानसभा सीट से विधायक हैं और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री हैं, उनके पद और जिम्मेदारियों में भी विस्तार किया गया है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक इस मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए भाजपा ने पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दलित, ओबीसी और ब्राह्मण समीकरणों को साधने की कोशिश की है। हालांकि ये समय ही बताएगा कि क्या भाजपा को इसका फायदा 2027 के चुनाव में मिलता है या नहीं। 

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