Edited By Ramkesh,Updated: 07 May, 2026 02:38 PM

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में गुरुवार सुबह पुलिस और कुख्यात बावरिया गिरोह के बदमाशों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 50-50 हजार रुपये के इनामी दो डकैत मारे गए, जबकि पुलिस के दो जवान भी गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मारे गए बदमाशों...
मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में गुरुवार सुबह पुलिस और कुख्यात बावरिया गिरोह के बदमाशों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 50-50 हजार रुपये के इनामी दो डकैत मारे गए, जबकि पुलिस के दो जवान भी गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मारे गए बदमाशों की पहचान धर्मवीर उफर् लंबू (35) निवासी भरतपुर, राजस्थान तथा राजेंद्र उफर् पप्पू (55) निवासी अलवर, राजस्थान के रूप में हुई है। दोनों अंतरराज्यीय बावरिया गिरोह के सक्रिय सदस्य थे और लंबे समय से डकैती, लूट तथा हत्या के प्रयास जैसी वारदातों में वांछित चल रहे थे।
चिकित्सकों डॉक्टरों को मृत किया घोषित
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि यह मुठभेड़ यमुना एक्सप्रेस-वे के समीप तेंटीगांव अंडरपास के पास उस समय हुई, जब पुलिस टीम संदिग्ध बाइक सवारों की घेराबंदी कर रही थी। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने यू-टर्न लेकर भागने का प्रयास किया, लेकिन बाइक फिसल गई। इसके बाद दोनों बदमाशों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कारर्वाई में दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान स्वाट टीम प्रभारी अजय वर्मा तथा हेड कांस्टेबल दुर्ग विजय भी गोली लगने से घायल हो गए। दोनों का उपचार अस्पताल में चल रहा है।
हत्या के प्रयास समेत 16 गंभीर मुकदमे दर्ज
एसएसपी ने बताया कि धर्मवीर उफर् लंबू के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में डकैती तथा हत्या के प्रयास समेत 16 गंभीर मुकदमे दर्ज थे, जबकि राजेंद्र उफर् पप्पू के खिलाफ विभिन्न राज्यों में लूट और आर्म्स एक्ट के 11 मामले दर्ज थे। पुलिस के मुताबिक, यह कारर्वाई 23 अप्रैल को तेंटीगांव क्षेत्र में किराना व्यापारी अजय अग्रवाल के घर हुई सनसनीखेज डकैती के खुलासे के क्रम में की गई।
20 लाख रुपये की लूट
वारदात के दौरान बदमाश छत के रास्ते घर में घुसे थे और व्यापारी के पूरे परिवार, जिसमें एक मासूम बच्ची भी शामिल थी, को बंधक बनाकर करीब ढाई घंटे तक लूटपाट की थी। बदमाश लगभग 20 लाख रुपये के जेवरात, नकदी तथा सीसीटीवी डीवीआर भी लूटकर ले गए थे। घटना के खुलासे के लिए पुलिस की 17 टीमें गठित की गई थीं। जांच के दौरान पुलिस को गिरोह की गतिविधियों और उनकी रेकी करने की शैली के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से डकैती का कुछ माल, नकदी, अवैध हथियार तथा बाइक बरामद की है।
स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस
एसएसपी ने कहा कि बावरिया गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देता था और किसी भी घर में डकैती से पहले कई दिनों तक रेकी करता था। इस कारर्वाई के बाद क्षेत्र के व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है तथा पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।