लकड़ी के फट्टे से सिर पर कई वार... फिर तार से घोंटा गला, श'व बोरे में भरकर स्टोर रूम में छिपाया, पति की ह/त्या करने वाली पत्नी को उम्रकैद

Edited By Purnima Singh,Updated: 01 Aug, 2026 02:32 PM

woman gets life imprisonment for mu r dering husband

उत्तर प्रदेश के मेरठ की एक अदालत ने वर्ष 2017 में 16 वर्षीय लड़के की मदद से अपने पति की हत्या करने और शव को बोरे में भरकर स्टोर रूम में छिपाने के मामले में शुक्रवार को एक महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई ...

मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ की एक अदालत ने वर्ष 2017 में 16 वर्षीय लड़के की मदद से अपने पति की हत्या करने और शव को बोरे में भरकर स्टोर रूम में छिपाने के मामले में शुक्रवार को एक महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितेश सचदेवा ने टीपी नगर थाना क्षेत्र के शिवपुरम निवासी दीया उर्फ दीपा को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य मिटाने) के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई तथा 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

2017 में हुई थी वारदात
अभियोजन अधिकारी प्रेरणा वर्मा ने मीडिया को बताया कि अदालत ने यह फैसला बाबूराम की हत्या के मामले में सुनाया है। घटना के समय बाबूराम की उम्र 25 वर्ष थी। अभियोजन के अनुसार, घटना 21 अक्टूबर 2017 की रात की है, जब बाबूराम मेरठ के शिवपुरम में किराये के मकान में दीया के साथ रह रहा था।

नाबालिग की मदद से की हत्या
अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि उस रात दीया ने अपने परिचित 16 वर्षीय शिवम को घर बुलाया। शिवम ने कथित तौर पर बाबूराम को पकड़ लिया, जबकि दीया ने लकड़ी के कपड़े धोने वाले डंडे से उसके सिर पर कई बार वार किए। अभियोजन के अनुसार, इसके बाद दीया ने कथित तौर पर लोहे की प्रेस के बिजली के तार से गला घोंटकर बाबूराम की हत्या कर दी।

शव बोरे में भरकर स्टोर रूम में छिपाया
वर्मा ने बताया कि मृतक का भतीजा इस घटना का प्रत्यक्षदर्शी था और उसने अदालत में गवाही भी दी। अभियोजन के अनुसार, हत्या के बाद दीया ने बच्चे को घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। आरोप है कि इसके बाद दीया और शिवम ने बाबूराम के शव को बोरे में भरकर कबाड़ रखने वाले कमरे में छिपा दिया।

किशोर न्याय बोर्ड में लंबित है मामला
अभियोजन अधिकारी ने बताया कि शिवम के खिलाफ मामला किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष लंबित है। घटना की जानकारी मिलने के बाद टीपी नगर पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 और 201 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। वर्मा ने बताया कि जांच के दौरान साक्ष्य जुटाए गए, जिसके बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।

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