प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके को 'श्रीकृष्ण पुरी' के रूप में विकसित करेंगे : योगी

Edited By Ramkesh,Updated: 15 Oct, 2026 07:43 PM

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में माफिया-नेता अतीक अहमद के खास दबदबे वाले इलाके रहे कसारी-मसारी को 'श्रीकृष्ण पुरी' के नाम से विकसित करने का बृहस्पतिवार को ऐलान करते हुए आगाह किया कि शहर में अब कोई माफियागीरी करने का साहस...

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में माफिया-नेता अतीक अहमद के खास दबदबे वाले इलाके रहे कसारी-मसारी को 'श्रीकृष्ण पुरी' के नाम से विकसित करने का बृहस्पतिवार को ऐलान करते हुए आगाह किया कि शहर में अब कोई माफियागीरी करने का साहस नहीं करेगा और अगर करेगा तो फिर वह मिट्टी में मिलने की तैयारी भी कर ले।

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मुख्यमंत्री ने कसारी-मसारी में अतीक अहमद और उसके गुर्गों के अवैध कब्जे से खाली करायी गयी करीब 15 बीघा जमीन पर कमजोर वर्गों के 602 परिवारों के लिये आवास बनाने की परियोजना 'पद्म लोक अपार्टमेंट' का भूमि पूजन करने के बाद अपने सम्बोधन में कसारी-मसारी का नाम बदलकर श्रीकृष्ण पुरी करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, ''अब कसारी-मसारी नहीं होगा... अब श्रीकृष्ण पुरी के रूप में हम इस पूरे क्षेत्र को विकसित करेंगे। यहां पर जो टाउनशिप विकसित होगी वह सब इसी श्री कृष्ण पुरी का हिस्सा होगा।

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आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का माफिया मुक्ति का जो अभियान था उसके क्रम में लूकरगंज के बाद कसारी-मसारी में भी अब माफिया से मुक्त कराई गई भूमि पर गरीबों के आशियाने बनेंगे। उन्होंने कहा कि कभी माफिया अतीक अहमद और माफिया अशरफ जिस जमीन पर पैर रखते थे वह उनकी हो जाती थी और राज्य सरकार उन माफियाओं के सामने घुटने टेक देती थी। मुख्यमंत्री ने कहा, ''प्रयागराज में अब कोई माफियागीरी करने का साहस नहीं करेगा और अगर करेगा तो वह मिट्टी में मिलने की तैयारी भी कर ले।" उन्होंने चेतावनी दी कि किसी की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर उनकी पैतृक संपत्ति भी जब्त कर गरीबों के लिए आवास बनाने में इस्तेमाल की जाएगी।

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प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) द्वारा शहर के कसारी-मसारी क्षेत्र में विकसित की जा रही इस परियोजना के तहत 14 मंजिला इमारत का निर्माण किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने पर इसमें कुल 602 आवासीय फ्लैट उपलब्ध होंगे। पीडीए के सचिव विनीत कुमार सिंह के अनुसार, इस आवासीय परियोजना के लिए कुल 9,811 वर्ग मीटर भूमि निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक फ्लैट दो बेडरूम, एक हॉल और रसोई (2बीएचके) वाला होगा। प्रत्येक फ्लैट का क्षेत्रफल 56.45 वर्ग मीटर होगा। आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय प्रयागराज में माफिया का आतंक था और लोग असुरक्षित महसूस करते थे, ऐसे में न तो विकास हो सकता है, न निवेश आ सकता है और न ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने विधायक राजू पाल की हत्या की वारदात का जिक्र करते हुए कहा कि प्रयागराज की इसी धरती पर पाल की हत्या कर दी गई थी और सरकार उन माफिया के सामने गिड़गिड़ाती हुई दिखाई दे रही थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद अपराध और अपराधियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कानून का राज स्थापित करना और उत्तर प्रदेश को देश की अर्थव्यवस्था का 'ग्रोथ इंजन' बनाना है। आदित्यनाथ ने कहा कि लूकरगंज में पहले 86 गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए थे, जबकि कसारी-मसारी में पहले चरण में 602 और दूसरे चरण में 598 परिवारों को आवास देने की योजना है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, परियोजना पूरी होने पर करीब 1,200 परिवारों के छह हजार से अधिक लोग यहां रह सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित टाउनशिप में बाजार, पार्क, खेलकूद की सुविधाएं और जिम भी बनाए जाएंगे।

आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके शासन में माफिया और बदमाशों को बढ़ावा मिला, जबकि भाजपा की सरकार विकास और बदलाव लेकर आई है।  उन्होंने प्रयागराज में सड़क और हवाई संपर्क में सुधार का उल्लेख करते हुए कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज से मेरठ और दिल्ली की यात्रा आसान हुई है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रयागराज में बनने वाले एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का नाम महाराजा बिजली पासी के नाम पर रखा जाएगा।

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