रैगिंग का ऐसा जख्म कि तीसरी मंजिल से कूद गया छात्र, मेडिकल कॉलेज पर गंभीर आरोप, मैनेजमेंट समेत 6 लोगों के खिलाफ FIR

Edited By Purnima Singh,Updated: 13 Jun, 2026 06:37 PM

troubled by ragging bareilly student jumps from third floor

बरेली के एक निजी मेडिकल कॉलेज में एमडी (मेडिसिन) प्रथम वर्ष के एक विद्यार्थी ने कथित रैगिंग और लंबे समय तक मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर कॉलेज भवन की तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस के...

Bareilly News : बरेली के एक निजी मेडिकल कॉलेज में एमडी (मेडिसिन) प्रथम वर्ष के एक विद्यार्थी ने कथित रैगिंग और लंबे समय तक मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर कॉलेज भवन की तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, छात्र डॉ. आशु पाराशर के पिता सुधीर पाराशर की शिकायत पर वरिष्ठ छात्रों और कॉलेज प्रशासन से जुड़े लोगों समेत छह व्यक्तियों के खिलाफ भोजीपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आशु पाराशर का उपचार किया जा रहा है।

कुछ महीने पहले ही जॉइन किया था कॉलेज 
भोजीपुरा थाना प्रभारी कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देश पर डॉ. रितेश गोयल, डॉ. कुशाग्र शर्मा, डॉ. मानस खंडेलवाल, डॉ. लतिका तथा अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्राथमिकी के अनुसार, आशु ने कुछ महीने पहले श्री राम मूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज में एमडी (मेडिसिन) पाठ्यक्रम में दाखिला लिया था। आरोप है कि द्वितीय और तृतीय वर्ष के कुछ छात्रों ने लगातार उसकी रैगिंग की और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।

40 घंटे तक लगातार ड्यूटी करने को किया गया मजबूर 
शिकायत में कहा गया है कि आशु के साथ गाली-गलौज की गई, उसका अपमान किया गया, उसे वरिष्ठ छात्रों के निजी काम करने के लिए मजबूर किया गया तथा पर्याप्त आराम और भोजन भी नहीं दिया गया। इसके अलावा उससे अत्यधिक समय तक काम कराया जाता था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विभागाध्यक्ष और अन्य अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि उनके बेटे से अक्सर सुबह सात बजे से रात 11:30 बजे तक काम कराया जाता था और कई बार बिना पर्याप्त विश्राम के 40 घंटे तक लगातार ड्यूटी करने के लिए मजबूर किया जाता था। 

प्राथमिकी में कहा गया है कि कथित उत्पीड़न और ''अमानवीय व्यवहार'' से तंग आकर आशु ने दो मई को कॉलेज भवन की तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इसके बाद उसे उपचार के लिए गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया। सुधीर पाराशर ने आरोप लगाया कि होश में आने और स्वास्थ्य में कुछ सुधार होने के बाद उनके बेटे ने कथित रैगिंग और उत्पीड़न की पूरी जानकारी दी। उन्होंने यह भी दावा किया कि पांच मई को कॉलेज के प्राचार्य और प्रबंधन को लिखित शिकायत भेजी गई थी, लेकिन शिकायत में नामजद लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में कॉलेज प्रशासन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका। प्रशासनिक अधिकारी आई.ए. खान ने आरोपों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। 

 

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