Edited By Anil Kapoor,Updated: 09 Jun, 2026 10:58 AM

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से आया यह मामला वाकई हैरान करने वाला है। आमतौर पर शादियां टूटने के पीछे जो वजहें होती हैं, वे गंभीर होती हैं—जैसे दहेज, आपसी अनबन या कोई घरेलू विवाद। लेकिन यहां मामला प्राइवेसी (निजी समय) से जुड़ा है, जो आज के समय में कपल्स...
Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से आया यह मामला वाकई हैरान करने वाला है। आमतौर पर शादियां टूटने के पीछे जो वजहें होती हैं, वे गंभीर होती हैं—जैसे दहेज, आपसी अनबन या कोई घरेलू विवाद। लेकिन यहां मामला प्राइवेसी (निजी समय) से जुड़ा है, जो आज के समय में कपल्स के लिए कितनी अहमियत रखती है, यह इस घटना से साफ समझा जा सकता है।
जानिए, क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक, घटना मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र (रामराज) की रहने वाली एक ग्रेजुएट युवती और दिल्ली के पटेल नगर में रहने वाले एक युवक से जुड़ी है। युवक ने सिंगापुर से हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। दोनों की शादी एक वैवाहिक वेबसाइट के जरिए हुई थी। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन विवाद की शुरुआत तब हुई जब शादी के बाद हनीमून की प्लानिंग बनी। पत्नी का आरोप है कि पति उसे हनीमून पर तो ले गया, लेकिन अकेले नहीं। वह अपने साथ माता-पिता (सास-ससुर), भाई (देवर) और बहन (ननद) समेत पूरे परिवार को लेकर पहुंच गया।
जानिए, क्या कहना है पत्नी का?
दुल्हन का कहना है कि हनीमून किसी भी नए जोड़े के लिए एक-दूसरे को समझने और निजी समय बिताने का मौका होता है। पूरे परिवार के साथ होने की वजह से उसे अपने पति के साथ वक्त बिताने का मौका ही नहीं मिला, जो उसकी प्राइवेसी का सीधा हनन है। इसी बात से नाराज होकर उसने अब तलाक लेने का मन बना लिया है।
जानिए, क्या कहना है पति का?
दूसरी तरफ, पति का सोचना थोड़ा अलग है। उसका कहना है कि वह सिर्फ अपने पूरे परिवार को खुश देखना चाहता था और इसी अच्छी नीयत के साथ वह सबको साथ लेकर गया था। उसे अब भी अपनी इस बात में कुछ गलत नजर नहीं आता।
अब आगे क्या?
दोनों के बीच का यह झगड़ा अब मेरठ के परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंच चुका है। दोनों को समझाने और उनके बीच समझौता कराने के लिए अब तक 3 बार काउंसलिंग की जा चुकी है। सोमवार को हुई आखिरी काउंसलिंग में भी दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे और कोई सहमति नहीं बन पाई। फिलहाल काउंसलर्स ने दोनों को सोचने के लिए थोड़ा और वक्त दिया है। अगर अगली मुलाकातों में भी बात नहीं बनी, तो मामला कानूनी तौर पर तलाक की ओर बढ़ जाएगा।