Edited By Anil Kapoor,Updated: 14 Apr, 2026 03:09 PM

Basti News: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कुदरहा बनहरा में प्रसव के दौरान नर्सों की घोर लापरवाही के कारण एक नवजात का सिर धड़ से...
Basti News: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कुदरहा बनहरा में प्रसव के दौरान नर्सों की घोर लापरवाही के कारण एक नवजात का सिर धड़ से अलग हो गया और धड़ बाहर आ गया जबकि सिर महिला के गर्भ में ही फंसा रह गया।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दुर्गा प्रसाद नाम के व्यक्ति अपनी सात माह की गर्भवती पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी कुदरहा लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद महिला स्टाफ (नर्सों) ने स्थिति की गंभीरता को समझे बिना तुरंत दर्द का इंजेक्शन दे दिया और जबरन नॉर्मल डिलीवरी कराने का प्रयास करने लगीं।
खींचतान में हुआ सिर अलग
आरोप है कि डिलीवरी के दौरान महिला स्टाफ ने इतनी बेरहमी से जोर लगाया कि नवजात शिशु का धड़ खींचने के चक्कर में वह सिर से अलग होकर बाहर आ गया, जबकि मासूम का सिर महिला के पेट के अंदर ही रह गया। इस भयावह मंजर को देख अस्पताल स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए। अपनी गलती छिपाने के लिए उन्होंने आनन-फानन में महिला को पास के एक निजी अस्पताल भेज दिया, जहां से उसे महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज (कैली अस्पताल) रेफर कर दिया गया।
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने बचाई जान
जब महिला को अत्यंत गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज लाया गया, तो वहां के डॉक्टर भी स्थिति देखकर दंग रह गए। जांच में पता चला कि बच्चे का धड़ गायब है और सिर गर्भाशय में फंसा हुआ है। मेडिकल कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कल्पना मिश्रा ने बताया कि मरीज जब हमारे पास आई तो उसकी हालत बहुत नाजुक थी। परीक्षण में पाया गया कि बच्चे का धड़ पहले ही अलग किया जा चुका था और सिर अंदर ही था। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर हमने तत्काल ऑपरेशन (Surgery) का फैसला लिया। ऑपरेशन के जरिए बच्चे का सिर बाहर निकाला गया। फिलहाल महिला की जान बचा ली गई है और वह खतरे से बाहर है।
जांच के घेरे में स्वास्थ्य केंद्र
इस घटना ने कुदरहा स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ की ट्रेनिंग और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा जांच के आदेश दिए जाने की संभावना है।