Edited By Purnima Singh,Updated: 27 Jul, 2026 06:27 PM

श्रावण मास में बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वाराणसी में पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ अत्याधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा ....
वाराणसी : श्रावण मास में बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वाराणसी में पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ अत्याधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। जल, थल और नभ—तीनों स्तरों पर निगरानी की जाएगी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर सहित प्रतिबंधित क्षेत्रों को जियो-फेंसिंग के माध्यम से आभासी सुरक्षा घेरे में रखा गया है।
ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम और AI से होगी निगरानी
श्रावण मास के दौरान ड्रोन, टेथर्ड ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फेस रिकग्निशन कैमरों तथा ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) प्रणाली के माध्यम से मंदिर परिसर और पूरे शहर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि श्रावण मास की सुरक्षा व्यवस्था में अत्याधुनिक तकनीक का विशेष रूप से उपयोग किया जा रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर की जियो-फेंसिंग कर दी गई है। प्रतिबंधित क्षेत्र में यदि कोई अनधिकृत ड्रोन प्रवेश करने का प्रयास करेगा तो उसे एंटी-ड्रोन सिस्टम के माध्यम से तत्काल निष्क्रिय कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रावण मास के दौरान बिना अनुमति निजी ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
10 ड्रोन और 2 टेथर्ड ड्रोन रहेंगे तैनात
उन्होंने बताया कि वाराणसी कमिश्नरेट के पास उपलब्ध 10 ड्रोन कांवड़ मार्ग, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर, प्रमुख घाटों, यातायात संचालन तथा भीड़ प्रबंधन की निगरानी करेंगे। इसके अतिरिक्त दो टेथर्ड ड्रोन रणनीतिक स्थानों पर तैनात किए जाएंगे, जो चौबीसों घंटे लगातार लाइव फीड उपलब्ध कराएंगे।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि टेथर्ड ड्रोन लगभग 400 मीटर की ऊंचाई से चार किलोमीटर के दायरे में लगातार निगरानी करने में सक्षम हैं। ये ड्रोन किसी स्थान पर लंबे समय तक ठहरे संदिग्ध व्यक्ति अथवा संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना देंगे, जिससे सुरक्षा एजेंसियां तुरंत आवश्यक कार्रवाई कर सकें।
ANPR और फेस रिकग्निशन कैमरों से होगी पहचान
उन्होंने बताया कि शहर की सीमाओं पर स्थापित ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे प्रत्येक वाहन की पहचान करेंगे, जबकि प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर लगे फेस रिकग्निशन कैमरे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान में सहायक होंगे। अपराधियों, वांछित व्यक्तियों और संदिग्ध वाहनों का डेटा पहले से ही प्रणाली में फीड किया गया है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तत्काल पता लगाया जा सके।
2,575 से अधिक CCTV कैमरों से होगी 24 घंटे मॉनिटरिंग
पुलिस आयुक्त ने बताया कि शहर के 45 प्रमुख चौराहों एवं तिराहों पर सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की गई है। शहर की सीमाओं से लेकर पूरे कांवड़ मार्ग तक लगे कैमरों के अलावा काशी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े 2,575 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की चौबीसों घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी।
उन्होंने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कंट्रोल रूम से स्थापित 315 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मंदिर परिसर, दर्शन कतारों तथा श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर कंट्रोल रूम से तत्काल निर्देश जारी कर भीड़ का प्रभावी संचालन किया जाएगा। साथ ही कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से शहर में स्थापित पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से यातायात एवं भीड़ प्रबंधन संबंधी सूचनाओं का प्रसारण भी किया जाएगा।