राम मंदिर दान विवाद पर अखिलेश का तीखा तंज- 'कैमरे बंद करो, चोरी का चढ़ावा वापस रख दो, भगवान राम माफ कर देंगे'

Edited By Anil Kapoor,Updated: 15 Jun, 2026 07:29 AM

it is unfortunate that authorities will investigate our saints mahants akhilesh

समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर दान में कथित गड़बड़ी की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अधिकारी संतों-महंतों की जांच....

Lucknow\Agra News: समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर दान में कथित गड़बड़ी की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अधिकारी संतों-महंतों की जांच करेंगे। यादव ने रविवार को आगरा में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि चढ़ावे की कथित चोरी के बाद यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अधिकारी हमारे धर्म और मंदिर से जुड़े लोगों की जांच करेंगे। उन्होंने एसआईटी जांच पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या अधिकारी उन लोगों की जांच करेंगे जो हमारे धर्म को आगे बढ़ा रहे हैं? सनातन धर्म के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है?

राम मंदिर दान विवाद पर अखिलेश का तंज
उत्तर प्रदेश सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दान और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच के लिए शनिवार को 3 सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। राम मंदिर को दिए गए दान से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि अगर भगवान राम को चढ़ाए गए चढ़ावे के साथ कुछ हुआ है, तो कैमरे बंद कर दें और आपस में चर्चा कर लें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो भी चढ़ावा चोरी हुआ है, उसे वापस कर दें । भगवान राम आपको माफ कर देंगे।

SIT जांच पर भड़के अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने इस जांच को आस्था का अपमान भी बताया और कहा कि अधिकारी हमारे भगवान के पुजारियों की जांच करेंगे। यह सनातन धर्म का अपमान है। उन्होंने कहा कि इतनी पवित्र और प्रतिष्ठित जगह से जुड़े संतों और साधुओं की अधिकारियों द्वारा जांच किया जाना ऐसी बात है जिसे सनातन धर्म के अनुयायी स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि अगर कैमरे और लाइट बंद कर दी जाएं, तो कोई खुद ही भगवान राम के सामने चढ़ावा वापस रख देगा।

ट्रस्ट के अनुरोध पर बनी SIT
अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ट्रस्ट के अनुरोध के बाद किया गया था। ट्रस्ट ने सोशल मीडिया पर जारी चर्चाओं की जांच करने और सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की थी और आरोप लगाया था कि राम मंदिर की छवि खराब करने की कोशिशें की जा रही हैं। एसआईटी में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।

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